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यूपीए के ख़िलाफ़ एनडीए की 'चार्जशीट' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के एक साल पूरा होने पर मंगलवार को 'चार्जशीट' जारी की. उल्लेखनीय है कि मनमोहन सिंह के नेतृत्ववाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार ने रविवार को सत्ता में अपना पहला वर्ष पूरा कर लिया. एनडीए का कहना है कि एक वर्ष के शासनकाल में यूपीए सरकार ने जितना नुक़सान लोकतांत्रिक संस्थाओं को पहुँचाया है, उतना नुक़सान सिवाय इमरजेंसी को छोड़कर किसी शासनकाल में नहीं हुआ. इस चार्जशीट में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन को निशाना बनाया गया है और इसे 'अकर्मण्यता और कुशासन का एक वर्ष' क़रार दिया है. इसमें कहा गया है कि 2004 के आम चुनावों में जिन अलग-अलग विचारधारा वाले दलों ने एक 'नापाक गठबंधन' बनाकर एक दूसरे कि विरोध में मोर्चा खोल दिया है. इस चार्जशीट में कहा गया है कि 'इस सिद्धांतहीन और अवसरवादी गठबंधन का कमज़ोर और कृत्रिम चरित्र पिछले बारह महीनों की घटनाओं से साफ़ हो गया है.' आरोप भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने यूपीए गठबंधन केवल भाजपा विरोध के कारण एक साथ हैं. आडवाणी ने कहा कि यूपीए की केवल वोट बैंक और वंशवाद की राजनीति में दिलचस्पी है. एनडीए ने सोनिया गाँधी पर भी कटाक्ष किया है और सोनिया गाँधी के प्रधानमंत्री पद छोड़ने को 'त्याग का नाटक' क़रार दिया है. इसके पहले रविवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री निवास पर एक समारोह हुआ जिसमें यूपीए के घटक दलों के नेता शामिल हुए. इस मौक़े पर सरकार के काम-काज के बारे में एक रिपोर्ट भी जारी की गई जिसमें सरकार की नीतियों का उल्लेख किया गया. लेकिन यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन देनेवाले वामपंथी दल इस समारोह से दूर रहे. हालाँकि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने मनमोहन सिंह को एक पत्र भेजकर शुभकामनाएँ व्यक्त कीं और सहयोग का भरोसा दिलाया. |
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