|
'आकलन सरकार के कामकाज से करें' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ज़ोरदार शब्दों में लालकृष्ण आडवाणी के 'अदृश्य प्रधानमंत्री' कहे जाने का जवाब दिया और कहा कि उनका आकलन यूपीए सरकार के पिछले नौ महीने के काम से किया जाना चाहिए. मनमोहन सिंह ने कहा,'' सवाल यह नहीं है कि कोई नज़र आता है या नहीं. अहम बात यह है कि सरकार का कामकाज कैसा रहा.'' राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लंबी बहस के जवाब में मनमोहन सिंह ने कहा कि जहाँ भी लोग परेशानी में पड़े, उन्होंने और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने उन राज्यों का दौरा किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश में सूखा पड़ा और किसान आत्महत्या कर रहे थे, उस वक्त उन्होंने वहां का दौरा किया. जब बिहार और असम में बाढ़ आ रही थी, तब वे वहां गए. इसके अलावा पिछले छह महीनों में उन्होंने दोबार जम्मू- कश्मीर का दौरा किया है. साथ ही वे सुनामी से प्रभावित राज्यों अंडमान निकोबार, केरल, तमिलनाडु, आंध प्रदेश और पांडिचेरी गए. रिकॉर्ड मनमोहन सिंह ने कहा कि यूपीए सरकार न्यूनतम साझा कार्यक्रम लागू कर रही है. प्रधानमंत्री ने कहा,'' हमारा रिकॉर्ड हमारा काम बयां करता है.'' देश में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी का हवाला देते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि इसी वजह से बजट में विभिन्न क्षेत्रों के लिए आवंटन में पर्याप्त बढ़ोत्तरी की गई है. प्रधानमंत्री ने क्रिकेट पर कहा कि जब वे ये बाते कह रहे हैं उस समय सारे नौजवान तबके की निगाहें सहवाग और कमाल पर लगी हुईं हैं. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के क्रिकेट देखने आने पर उन्होंने कहा कि हमने उन्हें आमंत्रित किया है और हम उम्मीद करते हैं कि वो इसका आनंद उठाएँगे. उनका कहना था कि पाकिस्तान के लोग मैच देखने, शॉपिंग करने या दोस्तों से मिलने आना चाहें तो वे आ सकते हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||