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कांग्रेस ने यूपीए सरकार की पीठ थपथपाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार का नेतृत्व करने वाली कांग्रेस पार्टी ने सरकार के एक साल के कामकाज की सराहना की है. कांग्रेस पार्टी का कहना है कि वह सरकार का बाहर से समर्थन कर रही वामपंथी पार्टियों के साथ मतभेद सुलझा लेगी. सरकार के एक साल के कामकाज का आकलन करने के लिए नई दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने इस बैठक की अध्यक्षता की. इस महीने की 22 तारीख़ को यूपीए सरकार के गठन का एक साल पूरा हो रहा है. बैठक में कार्यसमिति के सदस्यों ने पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गाँधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बधाई दी और सरकार के एक साल के कामकाज को सफल बताया. मतभेद कांग्रेस नेताओं ने मनमोहन सिंह सरकार को ग़रीब समर्थक बताया और कहा कि सरकार ने कई कड़े क़दम भी उठाए. कांग्रेस प्रवक्ता अंबिका सोनी ने कहा कि कांग्रेस अपनी ज़िम्मेदारियों को समझती है और वह कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच दूरी नहीं बनने देगी. उन्होंने गठबंधन के दो सहयोगी लालू प्रसाद और रामविलास पासवान के बीच मतभेद को गठबंधन राजनीति का दुखद पहलू बताया. वामपंथी दलों के साथ मतभेद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी गठबंधन को पटरी से नहीं उतरने देगी. इस बीच भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने कहा है कि वह सरकार के कामकाज से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है. लेकिन पार्टी ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह गठबंधन को कमज़ोर करने के लिए कुछ भी नहीं करेगी. पार्टी के महासचिव प्रकाश करात ने खुल कर यह नहीं कहा कि उनकी पार्टी सरकार की पहली वर्षगाँठ पर होने वाले समारोहों में हिस्सा लेगी या नहीं. |
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