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जॉर्ज के मामले पर संसद में हंगामा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) नेताओं ने पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस के ख़िलाफ़ दूसरे हलफ़नामे को लेकर संसद की कार्यवाही नहीं चलने दी. लोक सभा की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई सदन में हो-हल्ला होने लगा. साथ ही एनडीए सांसद नारेबाज़ी करने लगे. यही दृश्य राज्यसभा का था. हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही मंगलवार को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई. एनडीए नेता मांग कर रहे थे कि करगिल हथियार ख़रीद मामले में पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में दायर दूसरे हलफ़नामे को वापस लिया जाए. उल्लेखनीय है कि पहले हलफ़नामे में जॉर्ज फर्नांडिस क्लीनचिट दे दी गई थी. लेकिन इसके बाद दूसरा हलफ़नामा दायर किया गया जिसमें हथियार ख़रीद को लेकर उन पर उंगली उठाई गई थी. आपत्ति एनडीए नेताओं की पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के घर पर सोमवार को लगभग दो घंटे बैठक चली जिसमें यह फ़ैसला हुआ कि सरकार से हलफ़नामा वापस लेने की मांग की जाए. एनडीए आरोप लगा रहा है कि दूसरा हलफ़नामा कांग्रेस नेताओं के कहने पर तैयार किया गया. भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा का कहना है कि पहले हलफ़नामे में कहा गया था कि कोई अनियमितता नहीं बरती गई. लेकिन दूसरे में अनेक बातें उठाई गईं. उनका कहना था कि दूसरा हलफ़नामा सही नहीं है. इस सबसे रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी मुश्किल में नज़र आ रहे हैं. उन्होंने पहले भी करगिल संघर्ष को लेकर पूर्व सरकार को 'क्लीनचिट' देते हुए कहा था कि करगिल लड़ाई के दौरान न तो सरकार और न ही वायुसेना की ओर से कोई कोताही बरती गई थी. |
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