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झारखंड मुद्दे पर संसद दूसरे दिन भी ठप | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
झारखंड में शिबू सोरेन को मुख्यमंत्री बनाए जाने के विरोध में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों ने गुरूवार को संसद की कार्यवाही नहीं चलने दी. दूसरी ओर संसद की कार्यवाही नहीं चलने देने के विरोध में सांसद राहुल गाँधी के नेतृत्व में युवा कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने सदन के बाहर धरना दिया. धरने पर बैठे राहुल गाँधी ने पत्रकारों से कहा, ''हमारा अनुरोध केवल इतना है कि संसद की कार्यवाही चलने दी जाए.'' लोक सभा की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा ने कहा कि झारखंड में बिना बहुमत के शपथ दिला दी गई. उनका कहना था कि यह लोकतंत्र का सबसे काला दिन है. वहाँ जनतंत्र की हत्या हुई है. काफ़ी हो-हल्ला होने पर लोक सभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी. स्थगित बाद में सदन फिर बैठा तो एनडीए नेताओं की नारेबाज़ी जारी रहने पर लोक सभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई. शिबू सोरेन को झारखंड का मुख्यमंत्री बनाए जाने का मुद्दा राज्यसभा में भी उठा और एनडीए के सांसद काफ़ी भड़के हुए नज़र आए. भाजपा सदस्य राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कहा कि वे झारखंड के राज्यपाल को वापस बुलाएँ. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह राज्यसभा में मौजूद थे. राज्यसभा में काफ़ी नारेबाज़ी हुई. इस पर सभापति भैरोंसिंह शेखावत ने कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी. विरोध का फ़ैसला इसके पहले एनडीए नेताओं की बैठक हुई जिसमें झारखंड मुद्दे पर सदन की कार्यवाही नहीं चलने देने का फ़ैसला किया गया. भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा ने घोषणा की, "हम लोगों ने सर्वसम्मत फ़ैसला किया है कि सदन की कार्यवाही नहीं चलने देंगे." दूसरी ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता शिबू सोरेन को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने के विरोध में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने गुरुवार को झारखंड बंद का आहवान किया है. साथ ही अपना बहुमत साबित करने के लिए एनडीए नेताओं की झारखंड के विधायकों को राष्ट्रपति के सामने पेश करने की भी योजना है. |
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