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यूपीए सरकार की पहली सालगिरह | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन या यूपीए सरकार ने रविवार को सत्ता में अपना पहला वर्ष पूरा कर लिया. इस अवसर पर दिल्ली में प्रधानमंत्री निवास पर एक समारोह हुआ जिसमें यूपीए के घटक दलों के नेता शामिल हुए. इस मौक़े पर सरकार के काम-काज के बारे में एक रिपोर्ट भी जारी की गई जिसमें सरकार की नीतियों का उल्लेख किया गया. लेकिन यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन देनेवाले वामपंथी दल इस समारोह से दूर रहे. हालाँकि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने मनमोहन सिंह को एक पत्र भेजकर शुभकामनाएँ व्यक्त कीं और सहयोग का भरोसा दिलाया. समारोह मनमोहन सिंह के आवास पर हुए समारोह में ना तो अधिक ताम-झाम था और ना ही पत्रकारों को आमंत्रित किया गया. सोनिया गांधी ने अपने छोटे से भाषण में मनमोहन सिंह की कुशलता की सराहना की और यूपीए को एक सामाजिक गठबंधन बताया. सोनिया गांधी ने कहा,"हम केवल सरकार बनाने के लिए एक साथ नहीं आए हैं. हमने एक नया राजनीतिक संबंध बनाया है, जिसका सबसे अधिक ज़ोर संगठन और सक्रियता में है". वहीं समारोह में मनमोहन सिंह ने अपनी सरकार के काम-काज से संबंधित रिपोर्ट पेश की और साथ ही अपनी सरकार के समक्ष चुनौतियों को पहचानने पर भी बल दिया. मनमोहन सिंह ने कहा,"जो रिपोर्ट हमने रखी है उसमें हमारी सरकार की ओर से एक साल के दौरान लिए गए फ़ैसलों की सरसरी जानकारी दी गई है". दूर रहे वामपंथी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी महासचिव प्रकाश कारत ने बीबीसी को बताया कि उनकी पार्टी ना तो गठबंधन में शामिल है और ना ही सरकार में, इसलिए उनका समारोह में जाना सही नहीं होगा. उन्होंने कहा, "हमने भी मूल्यांकन किया है जिसमें उपलब्धियाँ भी हैं कमियाँ भी हैं. सरकार अपनी उपलब्धियाँ बता रही हैं. तो उस मंच पर अपनी बात रखने का ये सही मौक़ा नहीं होगा क्योंकि सरकार अपनी उपलब्धियाँ गिना रही है जो उनका अधिकार है." प्रकाश कारत ने बताया कि उन्होंने रविवार को मनमोहन सिंह को एक पत्र भेजकर सरकार की सफलता की कामना की है और कहा है कि वे उनके साथ सहयोग करेंगे. पहली सालगिरह रविवार को भारत के राष्ट्रीय अख़बारों में सरकार की ओर से आधे पन्ने के विज्ञापन प्रकाशित किए गए जिनमें सरकार की उपलब्धियाँ गिनवाई गईं. 'एक साल में भी बहुत कुछ हो सकता है'- इस नारे के साथ इस विज्ञापन में कुल 14 बिंदुओं पर सरकार की उपलब्धियों का ब्यौरा दिया गया. दिल्ली से बीबीसी संवाददाता सीमा चिश्ती के अनुसार यूपीए सरकार ने अपनी पहली सालगिरह को अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली पिछली एनडीए सरकार से अलग भारी-भरकम रंग देने से बचाने की कोशिश की है. सीमा चिश्ती के अनुसार एनडीए सरकार ने सत्ता में अपने पहले वर्ष की समाप्ति पर 244 पन्नों की पुस्तिका जारी की थी जिसमें सभी मंत्रालयों के काम का ब्यौरा दिया गया था. उनका कहना है कि यूपीए ने इस तरह की कोई बड़ी पुस्तिका जारी नहीं की है लेकिन पत्र सूचना कार्यालय ने अलग-अलग विभागों के लिए अलग-अलग पुस्तिकाएँ जारी की हैं. |
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