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लोकसभा में बजट पारित हुआ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय संसद के निचले सदन लोकसभा ने वर्ष 2005-2006 का बजट सोमवार को पारित कर दिया. हालाँकि विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने संसद की कार्यवाही का बहिष्कार कर रखा है लेकिन उसने बजट पर मतदान में भाग लेने की घोषणा की थी. एनडीए रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव को हटाए जाने की माँग के समर्थन में संसद की कार्यवाही का बहिष्कार कर रहा है. सरकार ने वित्त विधेयक में कुछ संशोधन किया जिसमें महिलाओं और बुज़ुर्गों के लिए कर की छूट सीमा बढ़ा दी गई है. साथ ही अपने बचत खाते से नक़दी निकालने पर कुछ शुल्क का जो प्रस्ताव किया था उसे भी वापस ले लिया गया है. अब नए बजट में व्यवस्था की गई है कि रोज़गार संगठनों की तरफ़ से मिलने वाले मुफ़्त हवाई टिकट, मनोरंजन के साधन या फिर कहीं ठहरने और खाने-पीने पर आने वाला ख़र्च भी कर दायरे में आएगा. बहिष्कार प्रमुख विपक्षी गठबंधन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने फ़ैसला किया था कि वह वित्त विधेयक पर बहस के लिए संसद में जाएगा और लेकिन संसद का बहिष्कार अनिश्चित काल के लिए जारी रखेगा.
साथ ही उन्होंने वित्त विधेयक पर बहस के लिए सदन में मौजूद रहने के बावजूद अपना दैनिक भत्ता नहीं लेने की घोषणा भी की. संसद के बहिष्कार को जारी रखने का निर्णय करते हुए विपक्ष ने कहा है, "मनमोहन सिंह को सिर्फ़ अपनी कुर्सी की चिंता है." उल्लेखनीय है कि रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव के ख़िलाफ़ चारा घोटाले मामले में एक और आरोप पत्र दाखिल होने के बाद उनके इस्तीफ़े की माँग कर रहे एनडीए ने पिछले बुधवार से संसद का बहिष्कार कर रहा है. एनडीए ने लोकसभा अध्यक्ष और प्रधानमंत्री का संसद की कार्रवाइयों में भाग लेने का अनुरोध भी ठुकरा दिया था. दूसरी ओर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि लालू प्रसाद यादव को रेलमंत्री के पद ने नहीं हटाया जा रहा है. एक और बैठक दाग़ी मंत्रियों को हटाने के मसले पर लगातार विरोध कर रहे एनडीए ने 25 अप्रैल को लालू प्रसाद यादव के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दाख़िल होने के बाद संसद में ज़ोरदार हंगामा भी किया था और दो दिनों तक संसद की कार्यवाही नहीं चलने दी थी. इसके बाद 27 अप्रैल को एनडीए ने तीन दिनों के लिए संसद के बहिष्कार का निर्णय लिया था. सोमवार दो मई को हुई एनडीए की 90 मिनट चली बैठक में निर्णय लिया गया है कि संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही का बहिष्कार जारी रखा जाएगा लेकिन वित्त विधेयक पर चल रही बहस के लिए एनडीए के सदस्य दोनों सदनों में उपस्थित रहेंगे. इस बैठक के बाद भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने बताया कि वित्त विधेयक पर वोट हो जाने के बाद एनडीए की समन्वय समिति की एक और बैठक होगी और इसमें फ़ैसला लिया जाएगा कि आगे की कार्यवाही क्या होगी. इससे पहले भी विपक्ष ने आरोप लगाया था कि सरकार विपक्ष की अनदेखी कर रही है. |
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