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वाजपेयी ने लालू से इस्तीफ़ा माँगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रेल दुर्घटना पर लालू प्रसाद यादव के बयान को लेकर दूसरे दिन भी लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ. शोरशराबे के बीच लालू प्रसाद यादव के बयान पर आपत्ति जताते हुए पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि लालू प्रसाद यादव को नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. हालांकि लालू प्रसाद यादव ने कहा कि उन्होंने अपने बयान में जो कहा है वे उस पर क़ायम हैं. उल्लेखनीय है कि लालू प्रसाद यादव ने अपने बयान में कहा था कि जब वे दुर्घटनास्थल का दौरा कर रहे थे और जब वे घायलों से मिलने अस्पताल गए थे तो आरएसएस, बजरंग दल और विश्ल हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया था. हंगामा लोकसभा में मंगलवार को कार्यवाही सुबह हंगामें के साथ शुरु हुई और सदन की बैठक आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी. इसके बाद जब बैठक शुरु हुई तो लोकसभा अध्यक्ष ने एक बार फिर सदस्यों से कहा कि या तो वे कार्रवाई चलाने में सहयोग करें या उन्हें बता दें कि वे पद संभालने के योग्य नहीं है. इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि एक दूसरे पर अनर्गल आरोपों से सदन की कार्रवाई नहीं चल सकती. उन्होंने कहा कि रेल दुर्घटना के बाद कर्मचारियों को तो बर्खास्त कर दिया गया लेकिन रेलमंत्री बने हुए हैं और उन्हें भी नैतिकता के आधार पर इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. वाजपेयी के वक्तव्य का जवाब देते हुए लालू प्रसाद यादव ने कहा कि वे अपने बयान पर क़ायम हैं कि आरएसएस, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया. इस बीच विपक्ष की टोका टाकी जारी रही और फिर वे लालू प्रसाद यादव इस्तीफ़ा दो के नारे लगाते रहे. हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही एक बार फिर स्थगित कर दी गई. |
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