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लालू को हटाने से सरकार का इंकार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्र की यूपीए सरकार ने विपक्ष की इस मांग को ठुकरा दिया है कि चारा घोटाले के मामले में आरोप पत्र दाखिल होने के कारण रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव को बर्खास्त कर दिया जाए. सरकार की ओर से कहा गया है कि फ़िलहाल चारा घोटाले के मामले में सिर्फ़ आरोप पत्र दाखिल किया गया है और अभी उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है. उल्लेखनीय है कि आरोप पत्र दाखिल होने के बाद एनडीए ने लालू प्रसाद यादव को बर्खास्त करने की माँग की थी और संसद के दोनों सदनों में ज़ोरदार हंगामा किया था. केंद्रीय क़ानून मंत्री हंसराज भारद्वाज ने कहा है कि लालू प्रसाद यादव को तब तक नहीं हटाया जाएगा जब तक उन्हें दोषी करार नहीं दिया जाता. उन्होंने कहा, "यदि कोई सांसद बनने की योग्यता रखता है तो वह मंत्री बनने की भी पात्रता रखता है. और उसे मंत्रिपद से तभी हटाया जा सकता है जब उसकी पात्रता ख़त्म हो जाए." उनका कहना था कि दोषी पाए जाने के बाद ही किसी की पात्रता ख़त्म हो सकती है. क़ानूनमंत्री भारद्वाज ने कहा कि लालू प्रसाद यादव के ख़िलाफ़ तो पटना की अदालत में पहले ही आरोप पत्र दाख़िल हो चुका है लेकिन इसकी सुनवाई शुरु नहीं हो सकी है. |
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