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तीन दिन संसद में नहीं जाएगा एनडीए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव के मामले को लेकर केंद्र में सत्तारुढ़ यूपीए सरकार के रवैये के विरोध में प्रमुख विपक्षी गठबंधन एनडीए ने संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही का अगले तीन दिनों तक बहिष्कार करने का निर्णय लिया है. एनडीए के इस निर्णय के बाद लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने बुधवार की सुबह सभी दलों की एक बैठक बुलाई थी लेकिन एनडीए के नेता इस बैठक में भी नहीं गए. उल्लेखनीय है कि दो दिनों से संसद के दोनों सदनों में लालू प्रसाद यादव को लेकर विपक्ष हंगामा कर रहा है और उनसे इस्तीफ़ा देने की मांग कर रहा है. लोकसभा अध्यक्ष चटर्जी ने एनडीए से अनुरोध किया है कि वह अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करे. लालू का इस्तीफ़ा मांगने के लिए एनडीए के पास फ़िलहाल दो कारण हैं एक तो गुजरात के समलया में हुई रेल दुर्घटना के बारे में लालू प्रसाद यादव का बयान जिसमें उन्होंने आरएसएस, बजरंग दल और विश्वहिंदू परिषद पर गंभीर आरोप लगाए थे. दूसरा चारा घोटाले में लालू प्रसाद यादव के ख़िलाफ़ आरोप पत्र. एनडीए का पक्ष एनडीए का कहना है कि लालू प्रसाद यादव हिंदू संगठनों पर जो आरोप लगा रहे हैं वे सही नहीं हैं. एनडीए के नेताओं ने कहा है कि न केवल में संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही का बहिष्कार करेंगे बल्कि वे संसदीय समितियों की बैठकों का भी बहिष्कार करेंगे. एनडीए के संयोजक जॉर्ज फ़र्नांडिस ने आरोप लगाया है कि सरकार विपक्ष की अनदेखी कर रही है. उनका कहना था कि एनडीए काफ़ी पहले से दाग़ी मंत्रियों का मामला उठाती रही है और लालू प्रसाद यादव का मामला तो पराकाष्ठा पर पहुँच चुका है. लोकसभा में भाजपा संसदीय दल के उपनेता वीके मल्होत्रा ने कहा है कि न तो एनडीए के सदस्य दोनों सदनों के रजिस्टर पर दस्तख़त करेंगे और न किसी बैठक में भाग लेंगे. |
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