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लालू पर हमले की जाँच के लिए आयोग | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुरुवार को रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव पर हुए हमले की जाँच के लिए गुजरात सरकार ने एक सदस्यीय आयोग के गठन की घोषणा की है. लालू प्रसाद यादव पर कुछ हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने तब हमला किया था जब वे समालया में हुई रेल दुर्घटना में घायल हुए लोगों को देखने के लिए अस्पताल जा रहे थे. गुरुवार को ही तड़के साबरमती एक्सप्रेस की एक मालगाड़ी से हुई भिड़त में 16 लोगों की मौत हो गई थी और सौ से अधिक लोग घायल हो गए थे. लालू प्रसाद यादव पर पानी की बोतलों और पाउच से हुए हमलों के बाद उन्होंने आरोप लगाया था कि गुजरात सरकार ने इस हमले का षडयंत्र रचा था. गुजरात सरकार ने इस आरोप के जवाब में रविवार को एक सदस्यीय जाँच आयोग के गठन की घोषणा की है. गुजरात हाईकोर्ट के सेवानिवृत जज न्यायमूर्ति एनबी पटेल इस मामले की जाँच करेंगे. गुजरात सरकार ने आयोग के गठन के साथ कहा है कि न्यायमूर्ति पटेल इस बात की जाँच करेंगे कि क्या रेलमंत्री के दौरे के समय सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल में खामियाँ थीं. वे लालू प्रसाद यादव के आरोपों की भी जाँच करेंगे. सरकार के अनुसार न्यायमूर्ति पटेल तीन महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंप देंगे. गुजरात सरकार नें गृहराज्यमंत्री अमित शाह ने बीबीसी से कहा कि चूँकि रेल मंत्री यादव ने गुजरात सरकार पर ही षडयंत्र के आरोप लगाए थे इसलिए सरकार ने सेवानिवृत जज से जाँच करवाने का फ़ैसला किया. |
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