| चारा घोटाले में 70 के ख़िलाफ़ आरोप तय | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्रीय जाँच ब्यूरो की एक विशेष अदालत ने चारा घोटाले के मामले में सोमवार को लालू प्रसाद यादव और जगन्नाथ मिश्रा सहित 70 लोगों के ख़िलाफ़ आरोप तय कर दिए. जिन लोगों पर आरोप तय किए गए हैं उनमें सांसद राजो सिंह, बिहार के कुछ पूर्व मंत्री, चार आईएएस अधिकारी और पशुपालन विभाग के पाँच डॉक्टर शामिल हैं. इसके बाद इस मामले को लेकर संसद में विपक्ष ने ज़ोरदार हंगामा किया और रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव को बर्खास्त करने की मांग की. अदालत के समक्ष अभियुक्तों की ओर से एक याचिका दायर की गई थी कि उन पर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं लेकिन अदालत ने इसे ख़ारिज कर दिया. इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने फ़र्जी बिलों के आधार पर चाईबासा के सरकारी खजाने से 37 करोड़ रुपयों का गबन कर लिया. पशुपालन विभाग के खाते में हुई इस गड़बड़ी को चारा घोटाले का नाम दिया गया था. वीवीआईपी अभियुक्त स्थानीय पत्रकार सलमान रावी के अनुसार राँची में सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत में जब न्यायमूर्ति यूएसपी सिन्हा आरोप तय कर रहे थे तो सभी 70 अभियुक्त वहाँ मौजूद थे. हालांकि एक अन्य मामले में राँची बंद होने के कारण भीड़ कम थी लेकिन अभियुक्तों के वीवीआईपी होने के कारण कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. जब यह घोटाला हुआ तब लालू प्रसाद यादव बिहारी के मुख्यमंत्री थे और जगन्नाथ मिश्रा विपक्ष के नेता थे. इस मामले के गवाहों में से 195 गवाहों की अब तक मौत हो चुकी है. इसी घोटाले में शामिल होने के आरोपों के बाद लालू प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा था. उन्हें इसी मामले में एकाधिक बार गिरफ़्तार भी किया जा चुका है. चारा घोटाले में कुल 61 मामले बनाए गए हैं और बिहार से झारखंड राज्य अलग हो जाने के बाद 39 मामले झारखंड में स्थानांतरित कर दिए गए थे. संसद में हंगामा चारा घोटाले में आरोप तय होने की ख़बरों के बाद विपक्ष एनडीए ने संसद के दोनों सदनों में हंगामा किया. हालांकि इस हंगामे में लालू प्रसाद यादव ने अपने ऊपर हमले के जो आरोप लगाए थे वह मुद्दा भी शामिल था. लोकसभा में एनडीए ने ज़ोरदार हंगामा किया और रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव को बर्खास्त करने की मांग की. इसके जवाब में आरजेडी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को बर्खास्त करने की मांग की. हंगामें की वजह से सदन की बैठक स्थगित भी करनी पड़ी. |
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