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व्यापार और आवाजाही बढ़ाने पर सहमति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के बीच हुई बातचीत में दोनों देशों के बीच व्यापार और आम नागरिकों आवाजाही बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई है. दोनों नेताओं के बीच शीर्ष स्तर की बातचीत में दोनों देशों के महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री भी शामिल थे. इस पूरी बातचीत को भारत के विदेश सचिव श्याम सरन ने सार्थक, उपयोगी और सकारात्मक बताया है और कहा है कि बातचीत भविष्य की ओर मिलकर क़दम बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के बीच हुई बातचीत का जो ब्यौरा भारतीय विदेश मंत्रालय ने दिया है उसके मुख्य अंश--- जम्मू कश्मीर भारतीय प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति को स्पष्ट शब्दों में कहा कि नक्शे में किसी तरह का परिवर्तन संभव नहीं है. मनमोहन सिंह ने कहा कि कश्मीर के दोनों तरफ़ से लोगों की आवाजाही और व्यापार बढ़ाने पर भारत सरकार सहमत है और भविष्य में जटिल समस्याओं के समाधान में इससे सहायता मिलेगी. दोनों पक्षों ने माना कि यह एक पेचीदा मामला है और इसे सुलझाने में समय लगेगा लेकिन जब तक समस्या नहीं सुलझती तब तक दोनों तरफ़ रहने वाले लोगों का जीवन बेहतर बनाने की दिशा में काम होना चाहिए. रेल सेवा भारत ने राजस्थान और सिंध को जोड़ने वाली खोखरापार-मुनाबाओ रेल सेवा का भारतीय हिस्सा 2 अक्तूबर तक पूरा कर लेने की बात पाकिस्तानी राष्ट्रपति को बताई. पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा कि पाकिस्तान अपनी तरफ़ पटरियों को दुरूस्त करने का काम इस वर्ष के अंत तक कर लेगा. आर्थिक मुद्दे भारत और पाकिस्तान के बीच बनाए गए संयुक्त आर्थिक आयोग को दोबारा शुरू करने पर सहमति हुई, 1989 के बाद से इस आयोग की बैठक नहीं हुई है, इसकी बैठक जल्द ही कराने का निर्णय लिया गया. निजी क्षेत्र के उद्यमियों के संयुक्त व्यापार परिषद की गतिविधियाँ तेज़ करने का फ़ैसला किया गया. व्यापार भारत ने कहा कि वह पाकिस्तान के व्यापारियों की राजस्व शुल्क संबंधी चिंताओं पर बातचीत करने और उनका समाधान करने के लिए पूरी तरह तैयार है. दोनों देशों के बीच सीधा व्यापार बढ़ाने के लिए नए रास्ते खोलने की संभावनाएँ तलाश करने पर भी सहमति बनी. भारत के प्रधानमंत्री ने मध्य एशिया और खाड़ी देशों के साथ व्यापार के लिए दोनों देशों के रास्ते खोलने की बात भी कही, पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने इस सुझाव का स्वागत किया. भारत-ईरान पाइपलाइन भारत के प्रधानमंत्री और पाकिस्तान के राष्ट्रपति के बीच सहमति हुई कि तेल पाइपलाइन एक लाभकारी परियोजना है और इसे आगे बढ़ाना चाहिए, इस पर बातचीत जारी रहेगी. सीमा पार 'आतंकवाद' भारतीय प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति के साथ बातचीत में 6 जनवरी 2004 को इस्लामाबाद में जारी किए गए साझा घोषणापत्र का ज़िक्र किया जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान अपने नियंत्रण वाले किसी इलाक़े का इस्तेमाल 'आतंकवादी गतिविधियों' के लिए नहीं होने देगा. भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के इस आश्वासन के बाद दोनों देशों के संबंधों के आगे बढ़ने के लिए राह बहुत आसान हो गई है. बगलिहार परियोजना कश्मीर में बनने वाली इस पनबिजली परियोजना के बारे में दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई, भारत ने पाकिस्तान को आश्वासन दिया कि परियोजना से पाकिस्तान के हितों को कोई नुक़सान नहीं होगा और भारत सिंधु जलसंधि का पूरी तरह से पालन करेगा. तय किया गया कि इस मुद्दे पर दोनों देशों के तकनीकी विशेषज्ञों की बैठकें करके मुद्दे को सुलझाया जाएगा. रिहाई पाकिस्तानी राष्ट्रपति को बताया गया कि 19 अप्रैल को 156 पाकिस्तानी मछुआरों को रिहा किया जा रहा है, साथ ही 136 पाकिस्तानी नागरिकों को भी औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद रिहा कर दिया जाएगा. दोनों पक्ष इस बात पर भी सहमत हुए कि ग़लती से सीमा या नियंत्रण रेखा पार करने वालों को गिरफ़्तार करने के बदले उन्हें उनके देश फ़ौरन वापस भेज दिया जाएगा. |
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