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बुधवार, 06 अप्रैल, 2005 को 08:00 GMT तक के समाचार
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बस सेवा के लिए कड़ी सुरक्षा

मनमोहन सिंह और परवेज़ मुशर्रफ़ का होर्डिंग
श्रीनगर मुज़फ़्फ़राबाद बस सेवा की तैयारियां जोरों पर हैं
भारी भरकम सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस चलाने की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं.

गुरुवार यानी सात अप्रैल को सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह इस बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगी.

लगभग इसी समय मुज़फ़्फ़राबाद से भी एक बस यात्रियों को लेकर श्रीनगर के लिए रवाना होगी.

इस बस सेवा से 1947 के बाद पहली बार नियंत्रण रेखा के दोनों ओर के कश्मीर के बीच सड़क संपर्क स्थापित होने जा रहा है.

धमकियाँ

इस बस का विरोध कर रहे सात अलगाववादी संगठनों ने धमकियाँ दी हैं.

प्रशासन पहले भी इन धमकियों को लेकर गंभीर थी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी लेकिन बुधवार को श्रीनगर से मुज़फ़्फ़राबाद जाने वाले रास्ते में जो विस्फ़ोट हुआ है उसके बाद सुरक्षा व्यवस्था की एक बार समीक्षा की गई है.

बीबीसी से बात करते हुए बीएसएफ़ के डीआईजी ने कहा कि जो सूचनाएँ उन्हें मिली हैं उसके अनुसार चरमपंथी दो तरह से हमले कर सकते हैं. एक आत्मघाती हमला और दूसरा बारूदी सुरंग.

उन्होंने बताया कि सुरक्षा इंतज़ाम इस तरह किए गए हैं कि दोनों ही तरह के हमलों की संभावना कम ही होगी.

श्रीनगर से पटन, बारामुला, उड़ी और सलामाबाद होते हुए बस कमान ब्रिज तक जाएगी जो भारतीय ओर से नियंत्रण रेखा का अंतिम बिंदु है.

इस पूरे रास्ते पर वैसे भी सेना और सुरक्षाबलों के जवान हर दिन बारुदी सुरंग की जाँच करते हैं लेकिन बस सेवा के मद्देनज़र जाँच और सघन कर दी गई है.

योजना

सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे.

सेना और सुरक्षा बलों की हिफ़ाज़त में ये बस दोपहर सलामाबाद पहुँचेगी जो श्रीनगर से सौ किलोमीटर की दूरी पर है.

वहाँ एक टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर बनाया गया है जहाँ यात्रियों के भोजन की व्यवस्था की गई है.

अधिकारियों का कहना है कि यहाँ से यात्रियों को 12 किलोमीटर दूर कमान ब्रिज तक ले जाया जाएगा जहाँ से यात्री शाम करीब पाँच बजे. पैदल पुल पार करेंगे और पाक अधिकृत कश्मीर में पहुँच जाएँगे जहाँ दूसरी बस उन्हें मुज़फ़्फ़राबाद ले जाएगी.

वहीं दूसरी ओर से आने वाली बस के यात्रियों को कमान ब्रिज से सलामाबाद टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर लाया जाएगा जहाँ वे थोड़ा विश्राम करेंगे और फिर श्रीनगर के लिए रवाना हो जाएँगे.

अधिकृत कार्यक्रम के अनुसार यात्री शाम सात बजे तक श्रीनगर पहुँच जाएँगे.

कार्यक्रम

इस बीच जम्मू कश्मीर में इस बस सेवा को लेकर बहुत उत्साह है.

नियंत्रण रेखा के दोनों ओर ऐसे दर्जनों परिवार हैं जो आपसे में एक दूसरे से बरसों से नहीं मिल पाए हैं.

पहली बस में 29 यात्रियों को मुज़फ़्फ़राबाद जाने की अनुमति दी गई है.

योजना है कि यह बस हर महीने जाएगी. इस यात्रा के लिए पासपोर्ट की जगह एक विशेष अनुमति पत्र की व्यवस्था की गई है.

मुज़फ़्फ़राबाद से आने वाले यात्रियों के लिए श्रीनगर को सजाया जा रहा है और बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारियाँ की जा रही हैं.

मीरबस चलाने की तमन्ना
मीर 1947 से पहले श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद- रावलपिंडी बस के ड्राइवर थे.
इम्तियाज़धमकी से सहमे यात्री
सपना था मुज़फ़्फराबाद जाने का लेकिन धमकी ने उम्मीदों पर पानी फेरा.
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