|
'ख़तरा इधर नहीं बल्कि उधर है' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान ने इन ख़बरों का खंडन किया है कि श्रीनगर और मुज़फ़्फ़राबाद के बीच चलने वाली बस के यात्रियों को उनके प्रशासन वाले कश्मीर में कोई ख़तरा है. ग़ौरतलब है कि यह बस सेवा इसी सप्ताह गुरूवार को शुरू होने वाली है जिसके लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं. चरमपंथियों के हमलों की आशंका को देखते हुए बस के कुछ यात्रियों को कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जलील अब्बास जिलानी ने सोमवार देर रात इस्लामाबाद में पत्रकार सम्मेलन में कहा कि पाकिस्तानी कश्मीर एक शांतिपूर्ण क्षेत्र है और धमकियाँ भारतीय कश्मीर में मौजूद चरमपंथियों की तरफ़ सेआई हैं. जलील अब्बास जिलानी ने कहा, "जहाँ तक आज़ाद कश्मीर का सवाल है तो हमें कोई समस्या नज़र नहीं आती. जैसाकि आप जानते हैं कि आज़ाद कश्मीर एक शांतिपूर्ण जगह है और वहाँ अपराध दर भी बहुत कम है." जिलानी ने कहा, "चूँकि बस के सभी यात्री कश्मीरी हैं और आज़ाद कश्मीर में अपने प्रियजनों से मिलना चाहते हैं इसलिए उन्हें कोई नुक़सान नहीं पहुँचाया जाना चाहिए." उधर चरमपंथियों ने धमकी देते हुए कहा है कि इस बस से यात्रा करना ख़तरे से ख़ाली नहीं है. उनका कहना है, "यह बस सेवा कश्मीर की आज़ादी के अभियान से भटकाव है." सात अप्रैल को चलने वाली श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस की यात्रा के लिए सोमवार को बारामूला से कमान पुल के बीच कड़ी सुरक्षा के बीच पूर्वाभ्यास किया गया. कश्मीर क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक राज एयाज़ अली ने इस पूर्वाभ्यास के बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि अभ्यास सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया. पहले यह पूर्वाभ्यास श्रीनगर से कमान पुल तक किया जाना था लेकिन व्यावहारिक कारणों से इस अभ्यास का रास्ता छोटा कर दिया गया, कमान पुल भारतीय कश्मीर का उड़ी सेक्टर का आख़िरी चेक नाका है. 18 मार्च को भी एक बार पूर्वाभ्यास किया जा चुका है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||