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बस यात्रियों को दी गई पुलिस सुरक्षा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चरमपंथियों के हमलों की आशंका को देखते हुए श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस सेवा के कुछ यात्रियों को कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है. चरमपंथियों ने धमकी दी है कि इस सेवा से यात्रा करना ख़तरे से ख़ाली नहीं है, उनका कहना है कि "यह बस सेवा कश्मीर की आज़ादी के अभियान से भटकाव है." सोमवार को सात अप्रैल को चलने वाली श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस की यात्रा के लिए बारामूला से कमान पुल के बीच कड़ी सुरक्षा के बीच पूर्वाभ्यास किया गया. जम्मू कश्मीर के डीआईजी राज एयाज़ अली ने इस पूर्वाभ्यास के बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि अभ्यास सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया. पहले यह पूर्वाभ्यास श्रीनगर से कमान पुल तक किया जाना था लेकिन व्यावहारिक कारणों से इस अभ्यास का रास्ता छोटा कर दिया गया, कमान पुल भारतीय कश्मीर का उड़ी सेक्टर का आख़िरी चेक नाका है. अधिकारियों का कहना है कि मंगलवार को एक बार फिर इस बस यात्रा का रिहर्सल किया जाएगा, 18 मार्च को भी एक बार पूर्वाभ्यास किया जा चुका है. सात अप्रैल को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह श्रीनगर के शेरे कश्मीर स्टेडियम से श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. श्रीनगर से दो बसों में 29 लोग मुज़फ़्फ़राबाद जा रहे हैं, एक मिनी बस में 19 लोगों के बैठने की व्यवस्था है और इन दोनों बसों को कड़ी सुरक्षा के बीच ले जाया जाएगा. धमकी इस बीच चरमपंथियों की धमकी का असर इस बस यात्रा पर पड़ता दिखाई दे रहा है, चरमपंथियों ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे इस में यात्रा न करें. श्रीनगर से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के संवाददाता विनोद वर्मा का कहना है कि धमकियों की वजह से यात्रियों में भय है और कुछ यात्रियों ने अपनी योजना रद्द भी कर दी है. बस यात्रियों के नामों की सूची जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से जारी होने से पहले चरमपंथियों ने मीडिया में बाँट दिया था. चरमपंथियों के पास यात्रियों की सूची, पूरा पता और फ़ोन नंबर होने के कारण लोगों में काफ़ी दहशत है. भारत के प्रधानमंत्री, सेनाध्यक्ष और कई वरिष्ठ अधिकारी लोगों को आश्वस्त कर रहे हैं कि उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा. |
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