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तटवर्ती इलाक़ों के लोग वापस लौटने लगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सूनामी के ख़तरा टल जाने की ख़बर के बाद दक्षिण भारत के तटवर्ती इलाक़ों में रहनेवाले लोग अपने घरों को वापस लौटने लगे हैं. इंडोनेशिया में भूकंप की ख़बर के बाद तमिलनाडु, केरल और अंडमान निकोबार के समुद्री किनारों पर रहनेवाले हज़ारों लोग अपने घरों को छोड़कर भाग खड़े हुए थे. लेकिन भारत सरकार के सूनामी की चेतावनी वापस लेने के बाद अब वे वापस लौटने लगे हैं. केंद्र सरकार ने उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, पांडिचेरी, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, अंडमान निकोबार और लक्षद्वीप के मुख्य सचिवों को भेजे संदेश में कहा है कि 'ख़तरे की संभावना टल गई है और लोग अब घर लौट सकते हैं.' इंडोनेशिया में सोमवार रात आए भूकंप के बाद जिन देशों में तत्काल लोग सतर्क हुए उनमें भारत भी था. भारत सरकार ने इंडोनेशिया के भूकंप के बाद अंडमान निकोबार, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पांडिचेरी, केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप में चेतावनी जारी की थी. लेकिन बाद में ये चेतावनी वापस ले ली गई. दहशत इंडोनेशिया में भूकंप की ख़बर फैलते ही भारत के तटवर्ती इलाक़ों में दहशत फैल गई. तमिलनाडु के तटवर्ती इलाक़ों में रहनेवाले मछुआरे अपने घरों को छोड़कर सड़कों पर आ गए थे. चैन्नई में तटवर्ती इलाक़ों के लोगों ने दूर ऊंचे स्थानों और सड़कों पर रात बिताई. पुलिस ने भी समुद्रतट जानेवाले कुछ रास्तों पर अवरोध खड़े कर दिए थे. महाबलीपुरम से लोगों को हटाकर निकट के गाँवों में पहुँचा दिया गया था. कांचीपुरम ज़िले में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया था. हालांकि कलपक्कम में कोई भगदड़ नहीं थी. 26 दिसंबर को आए सूनामी में कलपक्कम ताप बिजलीघर को ख़ासा नुक़सान पहुँचा था. |
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