| मुठभेड़ में 10 नक्सली मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आंध्र प्रदेश के निज़ामाबाद ज़िले के जंगलों में एक मुठभेड़ में दस नक्सली मारे गए हैं जिसमें से दो वरिष्ठ विद्रोही नेता भी हैं. छह नक्सली निकल भागने में सफल रहे. जनवरी में सरकार और नक्सलियों के बीच चल रही वार्ता टूटने के बाद से यह सबसे बड़ी मुठभेड़ है. इसके बाद से नक्सली हिंसा में 80 लोग मारे गए हैं. निज़ामाबाद के पुलिस अधीक्षक एन मधुसूदन ने बीबीसी को बताया कि मुठभेड़ मनाला के निकट सोमवार को तड़के हुई. उन्होंने बताया कि पुलिस इस सूचना के बाद वहाँ पहुँची थी कि वहाँ बड़ी संख्या में नक्सली इकट्ठे हुए हैं. पुलिस अधीक्षक के अनुसार पुलिस ने नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने को कहा लेकिन नक्सली गोलियाँ चलाने लगे. जवाबी कार्रवाई में दस नक्सली मारे गए. मारे गए लोगों में सीपीआई माओवादी के नेता रमेश हैं जिन्हें वेंकटस्वामी के नाम से भी जाना जाता था. वे निज़ामाबाद ज़िला कमेटी के सदस्य और तेलंगाना स्पेशल ज़ोन कमेटी के सदस्य थे. इसके अलावा निज़ामाबाद ज़िला समिति के सदस्य बबान्ना और स्क्वैड कमांडर परवीन और तीन महिलाओं की मौत हुई है. पुलिस का कहना है कि घटना स्थल पर तीन स्क्वैड के 16 लोग मौजूद थे लेकिन छह लोग भागने में सफल रहे. पुलिस ने एके 47 सहित आठ हथियार बरामद किए हैं. |
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