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जेल पर हमला करके साथियों को छुड़ाया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हथियारबंद माओवादी विद्रोहियों ने पश्चिमी नेपाल में धनगढ़ी जेल पर बुधवार की देर रात हमला करके अपने 75 साथियों को छुड़ा लिया है. इस हमले में पाँच पुलिसकर्मियों के भी मारे जाने की सूचना मिली है. जेल परिसर में दो अज्ञात लाशें पड़ी हैं जिन्हें माओवादी हमलावर माना जा रहा है. सुरक्षा बलों ने जेल की घेराबंदी कर दी है. संपर्क करने पर एक पुलिस अधिकारी ने जेल पर हमले की पुष्टि की है लेकिन ब्यौरा देने से इंकार कर दिया. इमरजेंसी और सेंशरसिप के कारण प्रशासन एक नीति के तहत माओवादी गतिविधियों के समाचार नहीं दे रहा है. धनगढ़ी जेल शहर के बीच में है और वहां बड़े पैमाने पर सशस्त्र सुरक्षा बल तैनात हैं जबकि माओवादी आम तौर पर ग्रामीण क्षेत्रो में रहते है इसलिए इसे एक बड़ी और दुस्साहसिक घटना माना जा रहा है. सैनिक हमले में दो मरे उधर एक अन्य सूचना के अनुसार सूदूर पहाड़ी क्षेत्र सुरखेत जिले में आलचिन परगना के भैरमभावी गांव में सेना ने माओवादियो के एक सम्मेलन को विफल करने के लिए हवाई हमला किया जिसमें कम से कम दो लोग मारे गए. मरने वालों में एक 55 साल की महिला सुशीला राणा है और दूसरा अज्ञात बालक है. हमले में क़रीब 50 लोग घायल हो गए हैं. और एक घर ध्वस्त हो गया. सात फरवरी को भैरमभावी गांव में माओवादी महिला सम्मेलन हो रहा था जिसे विफल करने के लिए सेना के हेलीकॉप्टरों ने हमला किया. सुरक्षा सूत्रो का कहना है कि आपातकाल क़ानून में बिना अनुमति सभा-सम्मेलन पर रोक है. यदि ऐसी ख़बर मिलती है कि कहीं लोग बिना अनुमति सभा कर रहे हैं और उनके पास हथियार हैं तो वहां कार्रवाई की जाती है. इमरजेंसी लागू होने के बाद से माओवादी जगह जगह विरोध प्रदर्शन जूलूस सभाएं आदि कर रहे हैं. नेपाल नरेश के सत्ता अपने हाथ में लेने के बाद पहली बार आज मानवाधिकार संगठन काठमांडू में प्रदर्शन करने वाले हैं लेकिन इससे पहले ही एक मानवाधिकार कार्यकर्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है. |
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