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उमा भारती माफ़ी माँगने को तैयार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित उमा भारती पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी से माफ़ी माँगने के लिए तैयार हैं. पार्टी अध्यक्ष आडवाणी के नाम लिखे एक ताज़ा पत्र में उन्होंने पेशकश की है कि वे माफ़ी माँगने के लिए तैयार हैं लेकिन पार्टी भी उनसे माफ़ी माँगे. मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने पत्रकारों से बात नहीं की लेकिन उनके एक सहयोगी ने ये पत्र समाचार माध्यमों को उपलब्ध करवाया. महाराष्ट्र में पार्टी की हार के बाद से ही पार्टी में दूसरी पंक्ति के नेताओं के बीच खींचतान चल रही थी और माना जाता है कि इसीलिए वेंकैया नायडू को हटाकर आडवाणी को पार्टी का अध्यक्ष पद सौंपा गया. भारतीय जनता पार्टी में अनुशासन से संबंधित मुद्दों पर विचार के लिए हाल में बुलाई गई पदाधिकारियों की बैठक में उमा भारती ने लालकृष्ण आडवाणी के साथ 'वाकयुद्ध' किया था. लालकृष्ण आडवाणी ने अपने भाषण में कहा था कि पार्टी के कुछ पदाधिकारी पार्टी के बारे में जो बयानबाज़ी कर रहे हैं उसे बंद किया जाना चाहिए. इस पर उमा भारती ने कहा कि पार्टी के जो नेता मीडिया से 'ऑफ़ द रिकॉर्ड' यानि सार्वजनिक न किए जाने कि शर्त पर, बात करते हैं उसके बारे में भी कार्रवाई करनी चाहिए. उनके इस रुख़ से चौंके आडवाणी ने जब कहा कि सारा मामला ख़त्म माना जाए तो उमा भारती ने कहा कि यदि उन्हें नहीं बोलने दिया जाएगा तो वे बैठक में नहीं रहेंगी. इसके बाद उमा भारती को अनुशासनहीनता के आरोप में महासचिव के पद से हटा दिया गया और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी निलंबित कर दिया गया. इसके बाद वे केदारनाथ और अन्य हिंदू धामों की यात्रा पर हैं और 'एकांतवास' में हैं. |
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