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'ओसामा सीमावर्ती इलाक़ों में हो सकते हैं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि ओसामा बिन लादेन अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान सीमा के आसपास कहीं छिपे हो सकते हैं. परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा, "ओसामा बिन लादेन के ठिकाने के बारे में पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन हो सकता है कि वह अफ़ग़ान सीमा के नज़दीक कहीं छिपे हों." इस्लामाबाद में पत्रकारों से बातचीत में पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने कहा, "ओसामा बिन लादेन छिपते फिर रहे हैं, उन्हें पकड़ने की कोई तय समय-सीमा नहीं हो सकती." पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने जर्मनी के चांसलर गेरहार्ड श्रोडर के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आतंकवाद की समस्या पर ख़ासा ज़ोर दिया. परवेज़ मुशर्रफ़ ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने जर्मन चांसलर को आतंकवाद के ख़िलाफ़ पाकिस्तान के क़दमों के बारे में पूरी जानकारी दी क्योंकि "आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़ी समस्या है." संयुक्त राष्ट्र पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों की संख्या में बढ़ोतरी के ख़िलाफ़ है. रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक़ परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा, "स्थायी सदस्यों की संख्या में बढ़ोतरी संप्रभु राष्ट्रों की बराबरी के लोकतांत्रिक सिद्धांत के विरूद्ध है." दिलचस्प बात ये है कि जर्मनी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता का दावेदार है और उनकी दक्षिण एशिया यात्रा का एक मक़सद इस दावेदारी के लिए समर्थन जुटाना भी था. भारत भी सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता का दावेदार है और पाकिस्तान ने सुरक्षा परिषद के विस्तार का विरोध करता आ रहा है. पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने भारत के साथ हो रही व्यापक बातचीत में प्रगति से भी जर्मन चांसलर को अवगत कराया. जर्मनी के चांसलर भारत की यात्रा के बाद पाकिस्तान गए हैं, भारत में उन्होंने प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से मुलाक़ात की थी. |
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