BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 07 सितंबर, 2004 को 07:37 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
अफ़ग़ानिस्तान में चुनाव प्रचार शुरु
News image
हामिद करज़ई का इस चुनाव में 17 अन्य उम्मीदवारों के साथ मुकाबला है
अफ़ग़ानिस्तान में नौ अक्तूबर को राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव के लिए प्रचार शुरु हो गया है और कई जगह चुनावी रैलियाँ होने की संभावना है.

इस चुनाव के लिए अंतरिम राष्ट्रपति राष्ट्रपति हामिद करज़ई समेत 18 उम्मीदवार मैदान में हैं.

तान साल पहले तालेबान को सत्ता से बाहर किए जाने के बाद इस चुनाव को अफ़ग़ानिस्तान में लोकतंत्र कायम करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.

इस चुनाव के बाद अगले साल अप्रैल में संसदीय चुनाव के लिए मतदान होगा.

असुरक्षा और अनियमितताएँ

चुनाव प्रचार मतदाताओं में असुरक्षा की भावना, हिंसक घटनाओं और डर के माहौल में हो रहा है.

बीबीसी संवाददाता का ये भी कहना है कि चाहे देश में लगभग एक करोड़ मतदाता है लेकिन दर्ज मतदाताओं की सूची में कई अनियमितताएँ हैं.

उनका कहना है कि अनेक लोगों ने कई बार अपना नाम दर्ज करवा रखा है और जिन लोगों के नाम सूची में है उनमें से बहुत सारे लोग तो हैं ही नहीं.

महिला उम्मीदवार
 ये ऐतिहासिक समय है. मैं उम्मीद करती हूँ कि ये चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से पूरा होने के साथ ही स्वतंत्र और निष्पक्ष होगा. ये अफ़ग़ानिस्तान के लोगों का चुनाव होना चाहिए
मसूदा जलाल

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान ने पहले कभी भी इस पैमाने पर राजनीतिक प्रचार, रैलियाँ और राजनैतिक दलों का चुनाव प्रसारण नहीं देखा है.

हर उम्मीदवार को सरकार टीवी पर हर हफ़्ते बीस मिनट का समय दिया गया है.

मंगलवार को होने वाली चुनावी रैलियों में से एक को इस चुनाव की एकमात्र महिला उम्मीदवार मसूदा जलाल संबोधित करेंगी.

इस रैली में केवल महिलाएँ ही होंगी.

मसूदा जलाल का कहना है, "ये ऐतिहासिक समय है. मैं उम्मीद करती हूँ कि ये चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से पूरा होने के साथ ही स्वतंत्र और निष्पक्ष होगा. और यह, कि यह अफ़ग़ानिस्तान के लोगों का चुनाव होगा."

लेकिन संयुक्त राष्ट्र की यूरोपीय सुरक्षा और सहयोग संस्था का कहना है कि देश में लोकतांत्रिक मतदान के लिए ज़रूरी स्थिति नहीं है क्योंकि वहाँ बहुत बार चरमपंथी हमले हो चुके हैं.

इस संस्था ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बिना विघ्न के आना-जाना मुश्किल है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लोग को कई इलाक़ों में दाख़िल ही नहीं हो सकते इसलिए सुरक्षा स्थिति को देखते हुए चनावी निरीक्षण बहुत ही मुश्किल काम है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>