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अफ़ग़ान शहर हेरात में लड़ाई, 50 मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के पश्चिमी शहर हेरात में प्रांत के गवर्नर इस्माईल ख़ान के सैनिकों और विद्रोही कमांडर अमानुल्लाह ख़ान के समर्थकों के बीच शनिवार को भारी लड़ाई होने के समाचार मिले हैं. इस लड़ाई में कम-से-कम 50 लोग मारे गये हैं. सबसे भारी टकराव उत्तर में शिंदंद के एक हवाई मोर्चे पर केंद्रित रही जिसके बारे में अभी तक स्पष्ट नहीं है कि वहाँ किसका नियंत्रण है. अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा है कि अक्तूबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों को प्रभावित करने के कोशिशों के तहत ये लड़ाई भड़काई गई है. उनका कहना है कि विद्रोहियों के ख़िलाफ़ सख़्त क़दम उठाए जाएंगे. राजधानी क़ाबुल से बीबीसी संवाददाता एंड्रू नौर्थ का कहना है कि विद्रोहियों के हमलों पर अंकुश लगाने के लिए प्रतिरक्षा मंत्रालय क़दम उठाएगा. शिदंद राजधानी क़ाबुल के पश्चिम में 660 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, लेकिन लड़ाई हेरात शहर के उत्तरी इलाक़ों और चिश्ती में भी हुई है. अमानुल्लाह ख़ान का दावा है कि उनके समर्थकों ने मशीनगनों और रॉकेटों से हमले करके गवर्नर इस्माईल ख़ान के 14 लोगों को मार दिया है और 20 को पकड़ लिया है. अमानुल्लाह ने समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को बताया है कि इस लड़ाई में उनके भी सात लोग मारे गए हैं. समझा जाता है कि हेरात के अमीर के नाम से मशहूर गवर्नर इस्माइल ख़ान काबुल के बाहर राष्ट्रपति प्रभुत्व के प्रसार के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट बने हुए हैं. वजह ये है कि देश के सबसे बड़े विरोधी गुट पर उनका ही नियंत्रण है. |
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