|
अफ़ग़ानिस्तान चुनाव में 18 उम्मीदवार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़गानिस्तान में राष्ट्रपति पद के लिए नौ अक्तूबर को होने वाले चुनाव के लिए 18 उम्मीदवार मैदान में बचे हैं. चुनाव अधिकारियों ने मंगलवार को 18 उम्मीदवारों के नामों को हरी झंडी दे दी. इस पद के लिए कुल 23 लोगों ने दावा किया था जिसमें तीन के पर्चे चुनाव अधिकारियों ने ख़ारिज कर दिए जबकि दो ने पहले ही नाम वापस लिया था. अंतरिम राष्ट्रपति हामिद करज़ई सबसे लोकप्रिय उम्मीदवार हैं लेकिन तीन अन्य उम्मीदवारों से उनको कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है. इन तीनों ही उम्मीदवारों को चुनाव अधिकारियों ने सहमति दे दी है. अफ़गानिस्तान में अमरीका के समर्थन से चल रही अंतरिम सरकार का विरोध कर रहे चरमपंथियों की हिंसा के कारण इससे पहले दो बार राष्ट्रपति पद के चुनाव स्थगित किए जा चुके हैं. आरंभिक दौर में मंज़ूरी के लिए हर उम्मीदवार को 10 हज़ार मतदाताओं का समर्थन ज़ाहिर करना आवश्यक था. ये चुनाव संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों की निगरानी में हो रहे हैं. चुनौती इन चुनावों में हामिद करज़ई को किससे बड़ी चुनौती मिलने वाली है? इसके बारे में विश्लेषकों का कहना है कि उज़्बेक जनरल अब्दुल रशीद दोस्तम, पूर्व शिक्षा मंत्री यूनुस क़ानूनी और हज़ारा नेता मोहम्मद मोहक़िक तीन ऐसे नाम हैं जिनसे अंतरिम राष्ट्रपति करज़ई को चुनौती मिल सकती है. अफ़ग़ान मामलों के विशेषज्ञ रहीमुल्ला यूसुफ़ज़ई ने बीबीसी हिंदी से बातचीत में कहा कि करज़ई को सबसे बड़ी चुनौती यूनुस क़ानूनी से मिलने की संभावना है. यूनुस क़ानूनी को राजनीतिक रुप से सशक्त रक्षामंत्री मोहम्मद क़ासिम फ़हीम और विदेश मंत्री अब्दुल्ला अब्दुल्ला का समर्थन हासिल है. उनका कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान के जातीय समीकरणों के हिसाब से करज़ई का पैनल मज़बूत दिखाई देता है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||