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हेरात में अमरीका ने सुलह कराई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी सरकार के अधिकारियों ने पश्चिमी अफ़ग़ानिस्तान के दो क़बायली कमांडरों के बीच युद्धविराम करा दिया है. मंगलवार को अमानुल्लाह के वफ़ादार हथियारबंद लड़ाके हेरात शहर से कोई बीस किलोमीटर दूर तक जा पहुँचे थे और समझा जाता है कि उन्होंने हेरात के प्रांतीय गवर्नर इस्माइल ख़ान की सेना पर नियंत्रण कर लिया था. जब अमानुल्लाह ख़ान के लड़ाकों के आगे बढ़ने की ख़बर शहर तक पहुँची तो दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हो गए और विदेशी कार्यकर्ताओं को अपने अहातों में रहने के निर्देश दिए गए. स्थानीय अधिकारियों और नागरिकों ने बताया कि शहर में काफ़ी तनाव है, पूरे शहर में गवर्नर इस्माइल ख़ान के सैनिकों को तैनात कर दिया गया है. अमरीकी सेना ने भी इस इलाक़े में अतिरिक्त बल भेजे हैं हालाँकि अमरीकी अधिकारियों की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के बाद से स्थिति कुछ शांत ज़रूर हुई है. अमरीकी अधिकारी अफ़ग़ान राष्ट्रीय सेना की टुकड़ियों के साथ मिलकर बातचीत में सीधे हिस्सा ले रहे हैं. ये लड़ाई पिछले शनिवार तब भड़की जब कमांडर अमानुल्लाह ख़ान के लड़ाकों ने हेरात के दक्षिण में स्थित हवाई अड्डे पर क़ब्ज़ा कर लिया. अफ़ग़ानिस्तान के प्रतिरक्षा मंत्रालय ने तब कहा था कि वो गवर्नर इस्माइल ख़ान की तरफ़ से बीच-बचाव करेगा. अब भी इस बात का ख़तरा है कि झड़पें फिर शुरु हो सकती हैं. कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठन अपने कम ज़रूरी कर्मचारियों को हेरात से निकाल लेने पर विचार कर रहे हैं. अफ़ग़ानिस्तान में ऐसी लड़ाइयों को चिंता का कारण माना जा रहा है क्योंकि इस वर्ष के अंत में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं और सुरक्षा कारणों से चुनाव दो बार टाले जा चुके हैं. अफ़ग़ानिस्तान में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर जनता में काफ़ी उत्साह है और बड़ी संख्या में लोगों ने अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराया है. |
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