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मंगलवार, 17 फ़रवरी, 2004 को 13:13 GMT तक के समाचार
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अफ़ग़ान महिलाओं को पुलिस प्रशिक्षण
अफ़ग़ान महिलाएँ
महिलाएँ तालेबान दौर की बंदिशों से उबर रही हैं
सात अफ़ग़ान महिलाएँ पुलिस की ट्रेनिंग के लिए आगे आई हैं.

ये महिलाएँ अमरीकी सरकार की मदद से शुरू होने वाली ट्रेनिंग में हिस्सा लेंगी.

अफ़ग़ानिस्तान के परंपरागत समाज में जहाँ तालेबान के दौर में महिलाओं का पढ़ना और काम करना सख़्त मना था वहीं महिलाओं का पुलिस की नौकरी के लिए आगे आना एक बड़ी बात है.

इन महिलाओं को वही सब कुछ सिखाया जाएगा जो कि पुरूष पुलिसकर्मियों को सिखाया जाता है, इसमें लोगों को गिरफ़्तार करना, चौकसी रखना और पूछताछ करना शामिल है.

इस योजना के प्रमुख अमरीकी अधिकारी टॉम मोसेल कहते हैं, "यह पहला मौक़ा है जबकि ट्रेनिंग में महिलाओं को भी शामिल किया जा रहा है."

1996 से लेकर 2001 तालेबान के ज़माने में लड़कियों के स्कूल तक जाने पर पाबंदी थी, नौकरी करना तो बहुत दूर की बात है, वह भी पुलिस की नौकरी.

इस मौक़े पर महिला मामलों की उप मंत्री डॉक्टर सुरैया रहीम ने कहा कि तालेबान के ज़माने के ज़ख़्म अभी तक नहीं भरे हैं.

 अंतरिम सरकार के इस दौर में हम अफ़ग़ानिस्तान में महिलाओं की ज़िंदगी में आने वाले ढेर सारे बदलावों को साफ़ देख सकते हैं
डॉक्टर सुरैया रहीम
उन्होंने कहा कि इस समय देश को ऐसे क़दमों की बहुत ज़रूरत है ताकि अतीत से उबरकर एक नई शुरूआत की जा सके.

डॉक्टर रहीम ने कहा, "अंतरिम सरकार के इस दौर में हम अफ़ग़ानिस्तान में महिलाओं की ज़िंदगी में आने वाले ढेर सारे बदलावों को साफ़ देख सकते हैं."

उन्होंने कहा कि सभी गतिविधियों में महिलाओं को शामिल किए बिना देश का विकास संभव नहीं है.

इस योजना में शामिल की गई सभी महिलाएँ विधवा हैं और इस नौकरी के ज़रिए वे अपना परिवार चला सकेंगी.

लेकिन इस योजना में शामिल की गई महिलाओं के लिए यह नौकरी से ज़्यादा है.

इस योजना के तहत पुलिस में शामिल हो रहीं हनीस गुल ने कहा, "तालेबान के ज़माने में मैं बेरोज़गार थी और अपने घर में क़ैद थी, अब हमारा अफ़ग़ानिस्तान बेहतर हो रहा है और अब नौकरी करने का मौक़ा मिल रहा है."

अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के दौर से पहले महिलाएँ पुलिस में थीं और उनमें से कुछ महिलाएँ अब काम पर लौट आई हैं.

लेकिन इस समय अफ़ग़ानिस्तान में महिलाओं की हालत काफ़ी चिंताजनक है जिसमें सुधार की माँग अनेक अंतरराष्ट्रीय संगठन करते रहे हैं.

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