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अफ़ग़ानिस्तान में गुटीय संघर्ष में अनेक मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के उत्तरी प्रांत बदकशाँ में लड़ाई भड़कने से अनेक लोगों के मारे जाने की ख़बर है. एक सरकारी अधिकारी का कहना है कि यह लड़ाई देश में नशीले पदार्थों के ग़ैरक़ानूनी व्यापार से जुड़ी हुई है. ख़बरें हैं कि बदकशाँ प्रांत में दो क़बीलाई सरदारों के लड़ाकों में इस संघर्ष के बाद बहुत से लोग इलाक़ा छोड़कर जाने लगे हैं. यह घटना ऐसे समय हुई है जब अफ़ग़ानिस्तान में नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हो रहा है. अफ़ग़ानिस्तान के आंतरिक सुरक्षा के उपमंत्री जनरल हिलालुद्दीन हिलाल ने इस लड़ाई की पुष्टि करते हुए बताया है कि नशीले पदार्थों के ग़ैरक़ानूनी व्यापार के मामले पर ही यह लड़ाई कल भड़की और सैकड़ों लोग इलाक़ा छोड़कर जाने लगे हैं. बदकशाँ प्रांत की राजधानी फ़ैज़ाबाद से सुरक्षा बल उस इलाक़े में भेजे गए हैं. अफ़ीम उत्पादन बदकशाँ अफ़ीम का प्रमुख उत्पादक इलाक़ा है और वहाँ से पिछले साल क़रीब दो अरब तीस करोड़ डॉलर की अफ़ीम का व्यापार हुआ. अफ़ग़ानिस्तान के काउंटर नारकोटिक्स ब्यूरो के महानिदेशक मीरवायस यासिनी भी यह मानते हैं कि नशीले पदार्थों का व्यापार देश में एक बड़ी समस्या बन गया है. यासिनी ने कहा, "अफ़ग़ानिस्तान में अफ़ीम की खेती के नज़रिए से नशीले पदार्थों का व्यापार एक बड़ा मुद्दा बन चुका है. इससे देश के राष्ट्रीय हितों को भी ख़तरा पैदा होने लगा है." उन्होंने कहा कि सरकार देश से नशीले पदार्थों की समस्या को ख़त्म करने के लिए काम कर रही है और इसके लिए लोगों को जागरूक बनाया जा रहा है, पुलिस तैनात की जा रही है और स्थानीय सरकारों की मदद ली जा रही है. |
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