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'जनादेश कांग्रेस या सोनिया के लिए नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने यह स्वीकार करने से इनकार किया है कि हाल के आम चुनावों में कांग्रेस या उसके नेतृत्व वाले गठबंधन या सोनिया गाँधी के लिए जनादेश मिला है. उन्होंने कहा कि परिणामों को भाजपा की हार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. बीबीसी के हार्डटॉक-इंडिया कार्यक्रम में वेंकैया नायडू ने कहा कि इन चुनावों में किसी भी दल को 'जीता हुआ या हारा हुआ' नहीं कहा जाना चाहिए. नायडू ने कहा, "मतदाताओं ने सोनिया गाँधी के पक्ष में जनादेश नहीं दिया है और न ही उन्होंने कांग्रेस को जनादेश दिया है. मतदाताओं ने कांग्रेस गठबंधन को भी सरकार बनाने का जनादेश नहीं दिया है." पार्टी की हार के बारे में नायडू ने कहा कि इससे उन्हें भारी झटका लगा है, "हम अभी तक सकते में हैं क्योंकि हमने ऐसे नतीजे की अपेक्षा नहीं की थी." "अभी हम कोई निष्कर्ष नहीं निकाल सके हैं कि हमारी हार के पीछे आख़िर क्या कारण रहे, यहाँ तक कि राजनीतिक विश्लेषक तक भी अभी असमंजस की स्थिति में नज़र आते हैं." फ़ील गुड और भारत उदय के नारों के बारे में नायडू का कहना था कि ये नारे दरअसल विपक्ष के हाथों का हथियार बन गए. विदेशी मूल नायडू ने दोहराया कि उनकी पार्टी विदेशी मूल के मुद्दे पर राजनीतिक उम्मीदवारों का विरोध करती रहेगी. उनका मानना है कि 2004 के चुनावों में विदेशी मूल के मुद्दे को चुनाव प्रचार में पर्याप्त जगह नहीं मिल सकी. "दरअसल सोनिया गाँधी व्यक्तिगत रूप से इस मुद्दे के केंद्र में नहीं हैं बल्कि यह मुख्य रूप से विदेशी मूल का मुद्दा है. हम इस मुद्दे पर बहस जारी रखेंगे." नायडू ने कहा कि अगर कल कोई अमरीकी देश में आकर राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री बनना चाहे तो भाजपा उसका विरोध करेगी. |
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