BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 01 जून, 2004 को 14:03 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
बयानबाज़ी से बचें:वाजपेयी
अटल बिहारी वाजपेयी
कूटनीति शब्दों से नहीं चलती है
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा है कि भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर दोनों पक्षों को बयानबाज़ी से बचना चाहिए.

कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की नई सरकार के गठन के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से बोलते हुए वाजपेयी ने कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्ते कूटनीति से सुधरेंगे और कूटनीति सार्वजनिक बयानों से नहीं चलती.

ग़ौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों को लेकर एक बार फिर शिमला समझौता चर्चा में है.

भारत के विदेश सचिव शशांक ने सोमवार को दिल्ली में कहा था कि पाकिस्तान के साथ बाचतीत का आधार सिर्फ़ शिमला समझौता और इस साल जनवरी में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों का इस्लामाबाद में जारी किया गया बयान ही हो सकता है.

शशांक ने जो बयान प्रेस को जारी किया था उसमें भी कहा गया था कि दोनों देशों को सार्वजनिक बयानबाज़ी से बचना चाहिए और संबंधों की प्रगति के बारे में गंभीरता दिखानी चाहिए.

वाजपेयी-मुशर्रफ़

पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने भी सोमवार को अटल बिहारी वाजपेयी से फ़ोन पर बात की थी.

दोनों नेताओं ने ये इच्छा जताई कि भारत और पाकिस्तान के बीच की शांति प्रक्रिया को आगे ले जाया जाना चाहिए.

परवेज़ मुशर्रफ़
परवेज़ का वाजपेयी के साथ अच्छा तालमेल रहा

वाजपेयी के प्रवक्ता अशोक टंडन ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया था, "दोनों नेताओं ने माना कि दोनों ही देशों की तरफ़ से बेवजह के बयानों से बचा जाना चाहिए."

परवेज़ मुशर्रफ़ ने इससे पहले भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी बात की थी.

भारतीय जनता पार्टी की संसदीय दल की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया कि क्या पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने उनसे नई सरकार के रवैये के बारे में भी कोई बात की है.

पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी से जब पूछा गया कि वे मनमोहन सिंह सरकार को कितना समय देते हैं तो उन्होंने कहा, "मैं भी विपक्ष में पाँच साल नहीं बैठना चाहता."

कांग्रेस की नेता सोनिया गाँधी के प्रधानमंत्री न बनने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ''उनको प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहिए था और इसके कारण मैं पहले ही बता चुका हूँ."

भाजपा की हार के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी में इस पर बात हो रही है कि हार के क्या कारण रहे.

गुजरात के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में वाजपेयी ने कहा कि हार के कारणों की समीक्षा की जा रही है और इसका गुजरात दंगों से कोई लेना-देना नहीं है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>