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सोमनाथ सर्वसम्मति से अध्यक्ष होंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एनडीए के समर्थन के बाद मार्क्सवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता सोमनाथ चटर्जी के सर्वसम्मति से लोकसभा अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ़ हो गया है. हालांकि इसकी अधिकृत घोषणा बाद होगी. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार गुरुवार दोपहर 12 बजे तक नामांकन दाखिल किए जाने थे और इस समय तक सिर्फ़ सोमनाथ चटर्जी के नाम से नामांकन दाखिल किए गए थे. किसी और उम्मीदवार की ओर से कोई नामांकन दाखिल नहीं किया गया है. संसद के सूत्रों के अनुसार सीपीएम नेता चटर्जी के समर्थन में 20 नामांकन दाखिल किए गए हैं. कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) ने सीपीएम नेता सोमनाथ चटर्जी को लोकसभा अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा था. समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने भी उन्हें समर्थन देने की घोषणा की थी. संसद के सूत्रों के हवाले से पीटीआई ने कहा है कि विपक्षी गठबंधन ने भी सोमनाथ चटर्जी को समर्थन देने का फ़ैसला किया है. इस तरह भारतीय संसद के इतिहास में पहली बार कोई वामपंथी नेता लोकसभा अध्यक्ष बनेगा. सोमनाथ चटर्जी शुक्रवार को शपथ लेकर औपचारिक रुप से लोकसभा अध्यक्ष बन जाएँगे. फ़िलहाल वे सबसे वरिष्ठ नेता होने के नाते प्रोटेम स्पीकर के रुप में यह ज़िम्मेदारी संभाल रहे हैं. 510 ने शपथ ली उधर लोकसभा के शेष नए सदस्यों ने गुरुवार को शपथ ली. अब तक 543 में से 510 सदस्यों ने शपथ ले ली है. इसके बाद लोकसभा की बैठक शुक्रवार सुबह तक स्थगित कर दी गई. बुधवार को 376 सदस्यों ने शपथ ली थी. शपथ लेने वालों में सदन के नेता प्रणव मुखर्जी, अटल बिहारी वाजपेयी और सोनिया गाँधी शामिल थीं. गुरुवार को दिल्ली के सांसद सज्जन कुमार शपथ लेने आए तो अकाली दल के सांसदों ने शोर शराबा किया और भाजपा के सांसद नवजोत सिंह सिद्दू के साथ वाकआउट किया. जिन सांसदों ने गुरुवार को शपथ ली उनमें पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर, सोनिया गाँधी के पुत्र और अमेठी से पहली बार चुनाव जीतकर आए राहुल गाँधी, पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट के बेटे सचिन पायलट और पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा नेता जसवंत सिंह के पुत्र मानवेंद्र सिंह और अभिनेत्री जयाप्रदा शामिल हैं. चौदहवीं लोकसभा के पहले सत्र में इसके बाद शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिकता पूरी होनी है. सात जून को लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का अभिभाषण होगा. इसके बाद तीन दिन धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस होगी. |
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