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'सरकार में शामिल नहीं होंगे वामपंथी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में वामपंथी दलों ने घोषणा की है कि वे काँग्रेस के नेतृत्व में बनने वाली सरकार में शामिल नहीं होंगे. लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सरकार को बाहर से अपना समर्थन ज़रूर देंगे. राजधानी दिल्ली में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) की केंद्रीय समिति की बैठक के बाद वरिष्ठ नेता सोमनाथ चटर्जी ने पत्रकारों के पूछे जाने पर बताया, "हम सरकार में शामिल नहीं होंगे." वाम दलों को इन चुनावों में 60 से ज़्यादा सीटें हासिल हुई हैं. सीपीएम को 43 और सीपीआई को 10 सीटें मिलीं हैं. बाद में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के महासचिव एबी बर्धन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वामपंथी दल का फ़ैसला एक ही होगा. उन्होंने कहा कि जब बड़ी पार्टी सीपीएम ने सरकार में शामिल न होने का फ़ैसला किया है तो उनकी पार्टी भी सरकार में शामिल नहीं होगी. सीपीआई के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अंजान ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "इस समय हम सरकार में शामिल नहीं हो रहे. हम सरकार को बाहर से समर्थन देंगे." हालाँकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर भविष्य में सभी वामपंथी दल सरकार में शामिल होने का फ़ैसला करते हैं, तो उनकी पार्टी भी सरकार में शामिल होगी. माना जा रहा है कि पश्चिम बंगाल, केरल और त्रिपुरा की राजनीतिक स्थिति देखते हुए सीपीएम ने यह फ़ैसला किया है. इन राज्यों में उसका सीधा मुक़ाबला काँग्रेस पार्टी से है. |
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