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सोमनाथ चटर्जी के नाम को हरी झंडी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में सत्तारुढ़ कांग्रेस गठबंधन के एक प्रमुख सहयोगी दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी यानी सीपीएम की शीर्ष संस्था पोलित ब्यूरो ने लोक सभा अध्यक्ष के पद के लिए सोमनाथ चटर्जी के नाम को मंज़ूरी दे दी. सत्ताधारी गठबंधन यूनाइटेड प्रोग्रेसिव एलायंस (यूपीए) यानी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन का नेतृत्व करने वाली कांग्रेस ने सोमनाथ चटर्जी को लोकसभा अध्यक्ष का पद देने का प्रस्ताव रखा था. यह पहला मौक़ा है जब किसी वामपंथी दल के नेता लोकसभा अध्यक्ष बनेंगे. सीपीएम ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह सरकार को बाहर से समर्थन देगी और मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होगी. मंगलवार को कोलकाता में पोलित ब्यूरो की बैठक के बाद पार्टी के महासचिव हरकिशन सिंह सुरजीत ने बताया, "सोमनाथ चटर्जी के संसदीय अनुभव को देखते हुए यह फ़ैसला किया गया." सोमनाथ चटर्जी अब तक लोकसभा में अपनी पार्टी के संसदीय दल के नेता रहे हैं. अब बासुदेव आचार्य लोकसभा में माकपा के संसदीय दल के नेता होंगे. वह पश्चिम बंगाल के बोलपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं और दसवीं बार लोकसभा में पहुँचे हैं. माकपा ने अभी तक कांग्रेस के साझा न्यूनतम कार्यक्रम पर अपनी मंज़ूरी नहीं दी है, इस बारे में पार्टी की बैठक बुधवार को होगी. कोलकाता से बीबीसी संवाददाता सुबीर भौमिक का कहना है कि कई आर्थिक मुद्दों पर कांग्रेस और वामपंथी दलों के बीच गहरा मतभेद है इसलिए इसमें समय लग रहा है. |
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