|
सोमनाथ को स्पीकर बनाने का प्रस्ताव | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कांग्रेस ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, सीपीएम के वरिष्ठ नेता सोमनाथ चटर्जी को चौदहवीं लोकसभा का अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा है. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी सहित वामपंथी दलों ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार का बाहर से समर्थन करने का फ़ैसला किया है लेकिन उन्होंने पहले ही घोषणा कर दी है कि वे सरकार में शामिल नहीं होंगे. समाचार एजेंसी पीटीआई ने सीपीएम के सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है और साथ ही कहा है कि पार्टी में इस प्रस्ताव पर विचार हो रहा है. लोकसभा में सीपीएम के नेता रहे सोमनाथ चटर्जी देश के सबसे अनुभवी सांसदों में से एक हैं और वे कई दशकों से चुनकर लोकसभा में आते रहे हैं. सोमनाथ चटर्जी ने इसकी जानकारी पार्टी के महासचिव हरकिशन सिंह सुरजीत को दे दी है, बताया जाता है कि इस मामले पर दोनों नेताओं के बीच विस्तार से चर्चा हुई है. सीपीएम ने अभी तक स्पष्ट नहीं किया है कि वे इस पद को स्वीकार करेंगे या नहीं, लेकिन अगर उन्होंने यह पद स्वीकार किया तो वे किसी वामपंथी दल से आने वाले पहले लोकसभा अध्यक्ष होंगे. लंबी पारी सोमनाथ चटर्जी नौवीं बार लोकसभा के लिए चुने गए हैं, वे पश्चिम बंगाल के बोलपुर से लगातार चौथी बार जीते हैं. बोलपुर के अलावा वे पश्चिम बंगाल के बर्दबान और जादवपुर चुनाव क्षेत्रों का भी प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं. वे लोकसभा के सबसे मुखर और सजग सांसदों में गिने जाते रहे हैं और एनडीए सरकार पर लगातार हमले करते रहे हैं. सोमनाथ चटर्जी को लोकसभा अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस पार्टी ने वामपंथी दलों को गठबंधन से जोड़े रखने का एक तरीक़ा निकाला है, ख़ास तौर पर इसलिए कि वामपंथी दल सरकार में शामिल नहीं हो रहे हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||