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चौदहवीं लोकसभा का पहला सत्र शुरु | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद चौदहवीं लोकसभा का पहला सत्र बुधवार से शुरु हो गया. सोमनाथ चटर्जी को 'प्रोटेम स्पीकर' यानी कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया जिन्होंने नए सदस्यों को शपथ दिलाना शुरू किया. सदन के नेता प्रणव मुखर्जी ने सबसे पहले शपथ ली. चूँकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह राज्यसभा के सदस्य हैं इसलिए प्रणव मुखर्जी लोकसभा में सदन के नेता होंगे. इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी, सोनिया गाँधी ने शपथ ली. गुरुवार तक सदस्यों का शपथ ग्रहण चलेगा. इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव होना है. इस बार लोकसभा में कई नए और चर्चित चेहरे दिखाई देंगे. राहुल गाँधी, सचिन पायलट, मिलिंद देवड़ा के साथ-साथ नवजोत सिंह सिद्धू और अभिनेता धर्मेंद्र और गोविंदा भी लोकसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएँगे. अभिभाषण सात को दो से दस जून तक चलने वाले सत्र में राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम सात जून को संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करेंगे. राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर राज्य सभा में दो दिन और लोकसभा में तीन दिन बहस होगी. मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक बैठक हुई. क़रीब दो घंटे तक चली इस बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण को अंतिम रूप दे दिया गया. माना जा रहा है कि काँग्रेस की अगुआई वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन यानी यूपीए के साझा न्यूनतम कार्यक्रम की प्रमुख बातों को अभिभाषण में जगह दी गई है. लोकसभा अध्यक्ष के लिए सत्ताधारी गठबंधन ने वामपंथी नेता सोमनाथ चटर्जी का नाम तय कर लिया है और उपाध्यक्ष पद के लिए एनडीए को पेशकश की है. विपक्ष की रणनीति लेकिन क़रीब छह साल बाद विपक्ष में बैठ रही भारतीय जनता पार्टी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि संसद के इस छोटे सत्र में वह नई सरकार में शामिल दाग़ी मंत्रियों के मामले को ज़ोर-शोर से उठाएगी.
इस मामले पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बैठक में भी रणनीति बनाई गई है. मंगलवार को एनडीए के संयोजक जॉर्ड फ़र्नांडीस ने बताया कि गठबंधन के सदस्य राष्ट्रपति कलाम से मिलकर इन मंत्रियों के बारे में अपनी आपत्ति से उन्हें अवगत कराएँगे. पिछली लोकसभा में तहलका मामले को लेकर काँग्रेस और कई विपक्षी पार्टियों ने रक्षा मंत्री रहे जॉर्ज फ़र्नांडीस का सदन में बहिष्कार किया था. अब एनडीए के सदस्य लालू प्रसाद यादव, तसलीमुद्दीन, एमए फ़ातमी जैसे मंत्रियों के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहे हैं जिनके ख़िलाफ़ आरोप हैं. |
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