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एनडीए की पारी ख़त्म, कांग्रेस की जीत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भाजपा के अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने कहा है कि प्रधानमंत्री वाजपेयी आज राष्ट्रपति से मिलकर अपना इस्तीफ़ा सौंप देंगे. उन्होंने यह भी कहा कि वे जनता के फ़ैसले का सम्मान करते हैं और सरकार बनाने की कोशिश करने के बदले विपक्ष में बैठेंगे. फील गुड, इंडिया शाइनिंग और वाजपेयी के नेतृत्व के नारों को नकारते हुए भारत के मतदाताओं ने विभाजित जनादेश दिया है, यह तय हो गया है कि चौदहवीं लोकसभा एक त्रिशंकु लोकसभा होगी. यह भी साफ़ दिख रहा है कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन के लिए सरकार बनाना लगभग असंभव हो गया है. इस चुनाव में कांग्रेस को आशातीत सफलता हासिल हुई है और सरकार बनाने की कसरत उसके लिए एनडीए के मुक़ाबले बहुत आसान होने वाली है, बात सिर्फ़ इसी बात पर अटकने वाली है कि प्रधानमंत्री कौन होगा.
एनडीए को आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में तो भारी नुक़सान हुआ ही है, साथ ही गुजरात में जहाँ बीजेपी को 26 में ज़्यादातर सीटें मिलने की आशा थी वहाँ कांग्रेस ने 12 सीटें झटक ली हैं. अगर आंध्र, तमिलनाडु, गुजरात और बिहार में हुए नुक़सान को जोड़ दिया जाए तो सिर्फ़ इन्हीं राज्यों में एनडीए को लगभग 70 सीटों का घाटा हुआ है. तमिलनाडु में तो एनडीए के साझीदार जयललिता की अन्ना द्रमुक पार्टी का पूरी तरह सफ़ाया हो गया है जबकि करूणानिधि की द्रमुक पार्टी से गठबंधन करके कांग्रेस भारी फ़ायदे में रही. भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री अपनी सीट हार गए हैं जिनमें विजय गोयल और जयवंती बेन मेहता प्रमुख हैं. दूसरी ओर, कांग्रेस के अजित जोगी, जगदीश टाइटलर, जयपाल रेड्डी, शंकर सिंह वाघेला, पी चिदंबरम चुनाव जीत गए हैं. बीजेपी के सफल उम्मीदवारों में विजय कुमार मल्होत्रा और मेनका गाँधी के नाम प्रमुख हैं. सोनिया गाँधी, जॉर्ज फर्नांडिस, अटल बिहारी वाजपेयी, राहुल गाँधी, मायावती, मुलायम सिंह यादव और कल्याण सिंह आगे चल रहे हैं. विधानसभा कर्नाटक में विधानसभा चुनाव भी हुए थे जहाँ कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) मिलकर सरकार बनाने की हालत में पहुँच गए हैं यानी कर्नाटक में कांग्रेस से सत्ता छीनने का एनडीए का सपना भी अधूरा रह गया. जनता दल सेक्युलर के एचडी देवेगौड़ा पहले ही कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा कर चुके हैं. दूसरी ओर, उड़ीसा में बीजू जनता दल और बीजेपी मिलकर राज्य में सरकार बनाने की ओर बढ़ रहा है, कांग्रेस इस पूर्वी राज्य में बीजेपी-बीजेडी गठबंधन से सत्ता तो नहीं छीन सकी है लेकिन उसकी सीटों की संख्या पिछली बार की तुलना बहुत अधिक हो गई है. आंध्र प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम पहले ही आ चुके हैं, जहाँ कांग्रेस पार्टी ने अकेले बहुमत हासिल कर लिया है. |
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