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छपरा में मतदान रद्द, पुनर्मतदान 31 को | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बड़े पैमाने पर धाँधली की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने बिहार की छपरा लोकसभा सीट पर 26 अप्रैल को हुए चुनाव को रद्द कर दिया है. चुनाव आयोग ने सोमवार की शाम इसकी घोषणा करते हुए कहा कि अब छपरा में 31 मई को दोबारा मतदान होगा. उल्लेखनीय है कि छपरा में राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और वाजपेयी सरकार के मंत्री राजीव प्रताप रूडी चुनाव लड़ रहे हैं. इस फ़ैसले के तुरंत बाद बीबीसी ने लालू प्रसाद यादव से बात की, उन्होंने कहा, "यह एनडीए सरकार की साज़िश है, वे नहीं चाहते कि मैं संसद में जाऊँ, लेकिन मैं उनका षड्यंत्र कामयाब नहीं होने दूँगा." दूसरी ओर, भाजपा के उम्मीदवार ने आयोग के फ़ैसले पर संतोष प्रकट किया है, "मैं इसका स्वागत करता हूँ, लोगों को बिना खौफ़ के वोट डालने का मौक़ा मिलेगा और हमारी जीत पक्की है." जाँच 26 अप्रैल को वहाँ मतदान हुआ था लेकिन राजीव प्रताप रूडी ने चुनाव आयोग को कुछ वीडियो टेप सहित कई प्रमाण देते हुए राजद की ओर से बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगाए थे.
इसके बाद चुनाव आयोग ने दो सदस्यीय जाँच दल बना दिया था. इस जाँच दल ने छपरा जाकर जाँच की थी. चुनाव आयोग ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि जाँच दल ने पाया है कि वहाँ बड़े पैमाने पर हिंसा हुई और बूथ लूटने की घटनाएँ हुईं. आयोग का कहना था कि संसदीय क्षेत्र के कई हिस्सों में सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी और मतदाता दहशत में थे. आयोग का मत है कि इसके चलते कई जगह "खामोशी से बूथ लूटने की घटनाएँ" हुईं. उल्लेखनीय है कि जाँच दल ने लालू प्रसाद यादव, राजीव प्रताप रूडी, स्थानीय चुनाव अधिकारियों और बड़ी संख्या में आम लोगों से बात की थी. |
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