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जोशी सिर्फ़ आश्वासन देते हैं: गायकवाड़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर मध्य मुंबई सीट से शिवसेना प्रत्याशी मनोहर जोशी के विरुद्ध कांग्रेस ने एकनाथ गायकवाड़ को टिकट दिया है. गायकवाड़ का दावा है कि मनोहर जोशी सिर्फ़ बातें करते हैं, आश्वासन देते हैं मगर विकास के नाम पर उन्होंने या केंद्र सरकार ने कुछ भी नहीं किया है. धारावी बस्ती के पास के ही कांग्रेस कार्यालय में लोगों से बातचीत में गायकवाड़ उन्हें चुनाव के लिए कमर कसने के लिए कहते मिले. वह मनोहर जोशी के मुख्यमंत्री के कार्यकाल का भी उल्लेख कर रहे हैं और कह रहे हैं कि जोशी ने मुंबई के लिए बतौर मुख्यमंत्री या सांसद कुछ भी नहीं किया. गायकवाड़ के अनुसार शिवसेना लोगों में जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र का झगड़ा खड़ा कर रही है. ‘कोई काम नहीं’ वह कहते हैं कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की केंद्र सरकार ने काम नहीं किया और सरकार की जो ग़लतियाँ थीं उसे लेकर वह जनता के बीच जा रहे हैं. गायकवाड़ के अनुसार, “वह मुंबई के लिए कोई राशि नहीं लाए, वह सिर्फ़ आश्वासन लाए हैं. हम सिर्फ़ बात नहीं करते काम भी करते हैं.”
धारावी बस्ती में ख़ासतौर पर काम कर रहे गायकवाड़ का कहना है कि जोशी धारावी के लिए जो 500 करोड़ रुपए लाने की बात करते हैं उसमें से एक पाई भी नहीं पहुँची है जबकि उनकी राज्य सरकार ने धारावी के लिए 5,600 करोड़ रुपए की योजना बनाई है. शिवसेना-भाजपा गठबंधन पर प्रहार करते हुए वह कहते हैं, “एकनाथ गायकवाड़ रहेगा तभी धारावी बचेगी वरना वो लोग तो इसे उजाड़ ही देंगे.” कांग्रेस प्रत्याशी के अनुसार मनोहर जोशी ने अपने कार्यकाल में सिर्फ़ जनसंपर्क ही किया है काम के नाम पर वह शून्य रहे हैं. महँगाई बढ़ी वह कहते हैं कि जोशी को चुनाव के समय में ही मुसलमानों की याद आती है और वह कहते हैं कि एक मुसलमान का वोट 100 हिंदुओं के वोट के बराबर होता है मगर फिर वह गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को भी सभा करने के लिए बुलाते हैं. गायकवाड़ के अनुसार जोशी को अगर जीत का इतना ही भरोसा है तो वह मोदी, राजनाथ सिंह, हेमा मालिनी या वरुण गाँधी का सहारा क्यों ले रहे हैं? उनका कहना है कि इस सरकार के समय में ही आम चीज़ें महँगी हुईं, गैस, मिट्टी तेल जैसी रोज़मर्रा की चीज़ों का भी भाव बढ़ गया. मनोहर जोशी इस सीट पर पिछली बार हुए चुनाव में पचास फ़ीसदी से भी ज़्यादा मत पाकर जीते थे और उनकी जीत के अंतर के साथ ही मनोहर जोशी के राजनीतिक क़द को देखते हुए इस बार भी उन्हें मज़बूत उम्मीदवार माना जा रहा है. |
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