| भाजपा को समर्थन नहीं:मायावती | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री, मायावती ने कहा है कि वह किसी भी हालत में भारतीय जनता पार्टी को समर्थन नहीं देंगी. बीबीसी हिंदी से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, ''अन्य पार्टियों को समर्थन देने के मुद्दे पर बहुजन समाज के हित को ध्यान में रखकर ही कोई निर्णय लिया जाएगा.'' मायावती से जब पूछा गया कि क्या विपक्ष के बिखरे होने का सीधा फ़ायदा उन्हें, जिनको वो सांप्रदायिक ताकतें मानती हैं, होने जा रहा है, उन्होंने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं होगा. हालाँकि कांग्रेस को समर्थन देने के सवाल पर मायावती ने कहा कि यह अब तक तय नहीं किया गया है कि समर्थन किसे दिया जाना है और किसे नहीं. चुनाव के बाद बसपा किसके साथ होगी, यह तस्वीर अब तक साफ़ नहीं हो सकी है. नेतृत्व बसपा में दूसरी पंक्ति का कोई नेता क्यों नहीं उभरता, इस सवाल के जवाब में मायावती ने कहा, ''पहले जब कांशीराम ने ये जनांदोलन शुरू किया, उस वक़्त भी यही कहा जाता था और अब जबकि ये कमान मेरे हाथों में सौंप दी गई है तो बसपा में केवल दो नेता होने की बात कही जाती है.'' ''अब मैंने पार्टी की कमान संभाली है तो दूसरी ही नहीं, कई पंक्ति के नेता तैयार होंगे.'' पिछले दिनों बसपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम चुके अल्पसंख्यक नेता राशिद अल्वी पर सीधे निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि, ''राशिद को बसपा ने ही नेता बनाया, बसपा में रहते हुए ही वो अपना पहला चुनाव जीता और उसका भाग्योदय हुआ.'' ''वो कोई नेता नही हैं, न ही उसका कोई जनाधार है, बसपा से पहले वो कांग्रेस और अन्य दलों में भी रह चुका है. उसने पिछले दिनों में अपने क्षेत्र में कोई काम नहीं किया और अब लोगों से मुँह छिपा रहा है.'' |
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