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भाजपा को रोकेंगेः मुलायम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि वह भारतीय जनता पार्टी को सत्ता में आने से रोकने की हरसंभव कोशिश करेंगे. भारतीय जनता पार्टी से उनकी नज़दीकी को लेकर जारी अटकलों के बारे में पूछे जाने पर मुलायम ने भाजपा से किसी तरह के संबंध की किसी संभावना से सीधे इनकार किया. उन्होंने कहा,"जहाँ तक भारतीय जनता पार्टी का सवाल है, उसे समर्थन देने का सवाल ही नहीं उठता. समाजवादी पार्टी भाजपा को सरकार में आने से रोकने का काम करेगी". राष्ट्रीय छवि सपा नेता ने कहा कि राष्ट्रीय दलों से जनता का मोहभंग हो चुका है इसलिए वह समाजवादी पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर विकल्प बनाना चाहते हैं. एनडीए और कांग्रेस से समान दूरी के बारे में मुलायम सिंह ने कहा,"हमने पहले ही फ़ैसला किया था कि कोई मोर्चा या गठबंधन नहीं बनाएँगे और मुद्दों के आधार पर समर्थन लेंगे और देंगे". उत्तर प्रदेश में अपनी चुनावी सभाओं में मुलायम सिंह यादव ने साफ़ संकेत दिए कि वह स्वयं भी प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं. मुलायम सिंह यादव भारत के रक्षा मंत्री रह चुके हैं और 1997 में देवगौड़ा के बाद वे प्रधानमंत्री बनते-बनते रह गए थे. भंग लोकसभा में समाजवादी पार्टी के 26 सदस्य थे. इस बार मुलायम अपना 'सपना' पूरा करने के लिए जनता से 60 सीटें माँग रहे हैं. उनकी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के बाहर भी बड़ी तादाद में उम्मीदवार खड़े किए हैं. वामपंथी दल मुलायम सिंह का कहना है कि चुनाव परिणाम आने के बाद वह वामपंथी दलों के साथ मिलकर अपनी रणनीति बनाएँगे. उन्होंने कहा,"हमारी पार्टी और वामपंथी दल मिलकर आगे की कोई रणनीति बना सकते हैं". हाल के दिनों में सीपीआईएम नेता हरकिशन सिंह सुरजीत की सोनिया गांधी से बढ़ती नज़दीकी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा,"ये अलग बात है कि वे सोनिया जी के क़रीब हैं कि नहीं मगर अभी तक हमारे और वामपंथी दलों के रिश्ते अच्छे हैं". |
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