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सपा के घोषणापत्र में भाजपा पर प्रहार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश की सत्ताधारी समाजवादी पार्टी ने अपना चुनाव घोषणापत्र जारी कर दिया है. पार्टी ने कहा है कि उनका पहला लक्ष्य ग़रीबी और बेरोज़गारी हटाना होगा. पार्टी ने अपने घोषणापत्र में केंद्र की सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की प्रमुख घटक भारतीय जनता पार्टी को अलोकतांत्रिक, असंवैधानिक और फ़ासीवादी बताया. सपा ने इस चुनाव को अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को हटाने का एक सुनहरा अवसर बताया है. लखनऊ में पार्टी का घोषणापत्र जारी करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने भाजपा नेताओं पर आरोप लगाया कि वे अयोध्या में राममंदिर बनवाने की बात कर भावनात्मक मुद्दों को हवा दे रहे हैं. मुलायम सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी मानती है कि अयोध्या मुद्दे का हल न्यायिक प्रक्रिया से होना चाहिए. प्रेक्षकों की राय है कि समाजवादी पार्टी इस बार अपने आप को एक राष्ट्रीय पार्टी के तौर पर उभारना चाहती है. इस बार वामपंथी पार्टियों ने उनपर कांग्रेस से गठबंधन के लिए काफ़ी दबाव डाला मगर मुलायम सिंह इसके लिए तैयार नहीं हुए. साथ ही उन्होंने लखनऊ में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का मुक़ाबला करने के लिए पूर्व क़ानून मंत्री राम जेठमलानी को विपक्ष का साझा उम्मीदवार बनाए जाने के प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया. मगर इसी के साथ उन्होंने बोफ़ोर्स मामले में सोनिया गांधी के ख़िलाफ़ ताज़ा जाँच शुरू करने के इरादे का भी विरोध किया. कुछ लोग ये भी मानते हैं कि मुलायम सिंह प्रधानमंत्री वाजपेयी को ज़रूरत पड़ने पर समर्थन दे सकते हैं. मगर मुलायम सिंह ऐसी किसी संभावना से साफ़ इनकार करते हैं. |
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