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जयाप्रदा रामपुर से चुनाव लड़ेंगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इस बार के चुनाव में तो सितारों की ऐसी झड़ी लगी है कि हर रोज़ कोई न कोई सितारा आकर्षण का केंद्र बन ही जाता है. अब रविवार को जहाँ गोविंदा ने कांग्रेस में शामिल होकर सुर्खियाँ बटोरीं तो सोमवार रहा हाल ही में समाजवादी पार्टी में शामिल हुईं जयाप्रदा के नाम. उधर कांग्रेस ने घोषणापत्र के साथ ही एक 'विज़न डॉक्यूमेंट' यानी 'दृष्टिपत्र' भी लाने की घोषणा की है. राहुल गाँधी के चुनाव मैदान में कूदने पर भारतीय जनता पार्टी ने यूँ तो सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की मगर इसे वंशवाद को बढ़ावा देने वाला ज़रूर बताया है. रामपुर से जयाप्रदा समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए 65 उम्मीदवारों की सूची जारी की है जिसमें फ़िल्म अभिनेत्री जयाप्रदा को रामपुर से उम्मीदवार घोषित किया गया है. पार्टी महासचिव अमर सिंह ने ये सूची जारी की जिसमें लखनऊ सीट से प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विरुद्ध मधु गुप्ता को उम्मीदवार घोषित किया गया है. वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव को संभल से और फ़िल्म अभिनेता राजबब्बर को एक बार फिर आगरा से मैदान में उतारा जा रहा है. लखनऊ से समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी दोनों ही प्रत्याशी घोषित कर चुकी हैं यानी अब वाजपेयी के विरुद्ध विपक्ष के साझा उम्मीदवार की कोशिशें नाकाम हो गई हैं. अमर सिंह ने इसका ठीकरा कांग्रेस के सिर फोड़ते हुए कहा कि उसी ने इस दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए. 'विज़न डॉक्यूमेंट' कांग्रेस ने घोषणापत्र तो जारी कर दिया मगर अभी वह आर्थिक नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति जैसे मसलों पर एक 'विज़न डॉक्यूमेंट' यानी दृष्टिपत्र पेश करेगी. पार्टी प्रमुख सोनिया गाँधी के अनुसार ये दस्तावेज़ जल्दी ही जारी किया जाएगा. उन्होंने कहा कि घोषणापत्र में विदेश नीति और भ्रष्टाचार जैसे मसलों पर इसलिए ज़ोर नहीं दिया गया है क्योंकि इन्हें दृष्टि पत्र में विस्तार से लिया जाएगा. कांग्रेस ने कहा है कि वह घोषणापत्र को बहुत गंभीरता से लेगी और ये उसके लिए महज़ काग़ज़ का पुलिंदा ही नहीं होगा. पार्टी के अनुसार वह इसके लिए पूरी तरह जवाबदेह रहेगी.
राहुल गाँधी के उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट से चुनाव लड़ने के बारे में भाजपा प्रवक्ता अरुण जेटली का कहना था कि वह इस बारे में कोई टिप्पणी करना नहीं चाहते क्योंकि ये कांग्रेस का अंदरूनी मसला है. मगर इसके बावजूद वह ये कहने से नहीं चूके कि ये फ़ैसला दिखाता है कि कैसे पार्टी में वंशवाद को ही बढ़ावा दिया जा रहा है. पार्टी ने कांग्रेस के घोषणापत्र के बारे में कहा है कि इसे देखकर ऐसा लगता है कि यह उस दल का घोषणापत्र है जो सत्ता में नहीं आने वाला है. 'प्रत्याशियों को दल को नहीं' विश्व हिंदू परिषद भी चुनाव की गर्मी से दूर नहीं रह सकी है. संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आचार्य गिरिराज किशोर ने कहा है कि परिषद चुनाव में किसी दल विशेष का समर्थन नहीं करेगी बल्कि 'हिंदू एजेंडे' पर विश्वास रखने वाले प्रत्याशियों की जीत के लिए काम करेगी. परिषद ने इस मौक़े पर एक 11 सूत्री एजेंडा भी जारी किया. इसमें 'राम मंदिर निर्माण, गोहत्या पर रोक, अनुच्छेद 370 की समाप्ति और धर्मपरिवर्तन का विरोध' जैसे मसलों को जगह दी गई है. |
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