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सपा गठबंधन नहीं चाहती थीः सिब्बल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के प्रवक्ता कपिल सिब्बल ने उत्तर प्रदेश की सत्ताधारी समाजवादी पार्टी पर ये आरोप लगाया है कि वह कांग्रेस से गठबंधन की इच्छुक नहीं थी. कपिल सिब्बल ने बीबीसी हिंदी के कार्यक्रम आप की बात बीबीसी के साथ में कहा कि कांग्रेस समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर राज्य में धर्मनिरपेक्ष मतों को बंटने से रोकना चाहती थी मगर मुलायम सिंह यादव शायद अपनी अलग राह पर चलना चाहते थे. उन्होंने कहा,"जो समाजवादी पार्टी बिना कांग्रेस के समर्थन के उत्तर प्रदेश में सरकार नहीं बना सकती थी उसका गठबंधन से दूर भागना वाकई दुर्भाग्यजनक है ". कपिल सिब्बल ने समाजवादी पार्टी पर ये भी आरोप लगाया कि उसका झुकाव भारतीय जनता पार्टी की ओर हो गया है. उन्होंने कहा कि संसद में तहलका मुद्दे को लेकर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने रक्षा मंत्री जॉर्ज फ़र्नांडिस का बहिष्कार किया मगर समाजवादी पार्टी ने इसमें हिस्सा नहीं लिया. सिब्बल ने कहा,"ये समाजवादी पार्टी थी जिसने कि विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया. ये सब उसके भाजपा के प्रति झुकाव को दिखाता है". कपिल सिब्बल ने कहा कि उनकी पार्टी ने मायावती की बहुजन समाज पार्टी का हाथ थामने की भी कोशिश की जो नाकाम रही. उन्होंने कहा,"ऐसा लगता है कि मायावती इस बात से डर गईं कि कहीं वाजपेयी सरकार उनपर चल रहे मामलों के सिलसिले में सीबीआई का इस्तेमाल ना कर डाले". कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस अभी भी चाहती है कि सारी धर्मनिरपेक्ष पार्टियाँ एक छतरी के तले आ जाएँ मगर ऐसा नहीं हुआ तो देश की जनता उन पार्टियों की धर्मनिरपेक्षता का फ़ैसला करेगी जो सांप्रदायिक शक्तियों के साथ ढुलमुल रवैया अपना रहे हैं. |
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