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ब्रिटेन: ख़ुफ़िया जानकारी के मुद्दे पर विवाद | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ग्वांतानामों बे की जेल में रखे गए एक ब्रितानी नागरिक को यातनाएँ दिए जाने और इस जानकारी को सार्वजनिक किए जाने के मुद्दे पर ब्रिटेन में एक विवाद खड़ा हो गया है. बुधवार को ब्रिटेन में दो जजों ने अपने आदेश में दावा किया था कि अमरीका ने ब्रिटेन को एक ब्रितानी निवासी - बिन्याम मोहम्मद के बारे में जानकारी को सार्वजनिक न करने के लिए दबाव डाला था. जजों ने अमरीकी प्रशासन पर आरोप लगाया था कि उन पर दबाव डाला गया कि यदि तीस वर्षीय मोहम्मद के बारे में जानकारी और सबूत छापे जाते हैं तो अमरीका ब्रिटेन के साथ ख़ुफ़िया जानकारी का सहयोग बंद कर सकता है. मोहम्मद ने आरोप लगाया था कि उन्हें 'अमरीकी एजंटों ने पाकिस्तान, मोरोको और अफ़ग़ानिस्तान में 2002 और 2004 के बीच यातनाएँ दी और इस मामले में ब्रितानी एजेंसियाँ का भी हाथ था.' 'मिलिबैंड ने खंडन किया' लेकिन ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड ने दोनो जजों के उस दावे का खंडन किया है जिसमें कहा गया था कि अमरीका ने ब्रिटेन के साथ ख़ुफ़िया जानकारी साझा न करने की धमकी दी थी. मिलिबैंड का कहना था, "अमरीका की ओर से ख़ुफ़िया जानकारी साझा न करने की कोई धमकी नहीं मिली है. यह अमरीकी जानकारी है और ये अमरीका पर निर्भर है कि वह इसे कब छापना चाहता है." उनका ये भी कहना था कि ब्रिटेन ने कभी ये स्वीकार नहीं किया कि यातनाएँ दी जाएँ. उधर अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए ब्रितानी सरकार का धन्यवाद किया है. ब्रिटेन में अमरीकी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा कि अमरीका अपने सहयोगी देशों को धमकी नहीं देता. ब्रिटेन में विपक्षी सांसदों ने अधिकारी इस 'आरोप की जाँच करें कि मोहम्मद को यातनाएँ देने के मामले में ब्रितानी एजेंसियों का भी हाथ था.' उधर अमरीका की सरकार ने ज़ोर देकर कहा है कि उसने यातनाएँ देने के सभी आरोपों की जाँच की है और इसमें मोहम्मद का मामला भी शामिल है. | इससे जुड़ी ख़बरें सीआईए के 'अपहरण' मामले में वारंट31 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना सीआईए 'अपहरण' में अधिकारी गिरफ़्तार05 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना अमरीका ने भी रिपोर्ट खारिज की07 जून, 2006 | पहला पन्ना 'यूरोपीय देशों ने रिपोर्ट को ख़ारिज किया'07 जून, 2006 | पहला पन्ना काउंसिल ऑफ़ यूरोप की रिपोर्ट का खंडन07 जून, 2006 | पहला पन्ना यूरोपीय देशों को पता था: मार्टी24 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना सीआईए के बारे में दावे 'विश्वसनीय'13 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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