|
सीआईए के 'अपहरण' मामले में वारंट | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जर्मनी में अधिकारियों और स्थानीय मीडिया का कहना है कि एक जर्मन नागरिक ख़ालिद अल मसरी के अपहरण के सिलसिले में 13 लोगों के गिरफ़्तारी वारंट जारी किए हैं. कहा गया है कि ख़ालिद अल मसरी का अपहरण कराने में अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए का हाथ रहा है. जर्मनी के अधिकारियों का कहना है कि 13 लोगों की गिरफ़्तारी के वारंट लेबनानू मूल के जर्मन नागरिक ख़ालिद अल मसरी के अपहरण के मामले से ही जुड़े हुए हैं. उधर ख़ालिद अल नसरी ने कहा है कि उन्हें 2003 में मैसीडोनिया में हिरासत में लिया गया था और फिर अफ़ग़ानिस्तान में किसी अज्ञात स्थान पर ले जाकर रखा गया. मसरी का कहना है कि हिरासत की अवधि में उनके साथ ख़राब बर्ताव किया गया. ख़ालिद अल मसरी इस मामले में सीआईए के ख़िलाफ़ मुक़दमा दायर करने की तैयारी कर रहे हैं. जर्मन अधिकारियों ने कहा है कि सितंबर 2006 में उन्हें स्पेनिश जाँचकर्ताओं से ख़बर मिली थी कि ख़ालिद अल मसरी के अपहरण में लगभग 20 लोगों का हाथ रहा था. जर्मनी के अभियोजक अधिकारी शिमिश सोमरफेल्ड का कहना था कि इस मामले में 13 लोगों के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट पिछले कुछ दिनों में जारी किए गए हैं और इस संबंध में एक औपचारिक वक्तव्य जल्दी ही जारी किया जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें सीआईए 'अपहरण' में अधिकारी गिरफ़्तार05 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना अमरीका ने भी रिपोर्ट खारिज की07 जून, 2006 | पहला पन्ना 'यूरोपीय देशों ने रिपोर्ट को ख़ारिज किया'07 जून, 2006 | पहला पन्ना काउंसिल ऑफ़ यूरोप की रिपोर्ट का खंडन07 जून, 2006 | पहला पन्ना यूरोपीय देशों को पता था: मार्टी24 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||