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ओबामा-मैक्केन की आर्थिक मुद्दों पर बहस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीनेटर जॉन मैक्केन और सीनेटर बराक ओबामा की टेलीविज़न पर प्रसारित दूसरी चुनावी बहस में अर्थव्यवस्था और विदेश नीति पर तीखी नोकझोंक हुई है. डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार सीनेटर ओबामा ने कहा है कि अमरीका 1930 की आर्थिक महामंदी के दौर के बाद सबसे बड़े वित्तीय संकट से जूझ रहा है. उनका कहना था कि सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि वॉल स्ट्रीट की दिवालिया हो रही बड़ी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी सरकार के आर्थिक पैकेज से लाभ न उठाएँ. ओबाम का कहना था कि यदि वे चुने जाते हैं तो वे अधिकतर अमरीकियों के लिए कर में रियायत के प्रयास करेंगे. उधर रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार सीनेटर मैक्केन ने कहा है अर्थव्यवस्था को सुधारा जा सकता है और यदि वे चुने जाते हैं तो वे वित्त मंत्री को आदेश देंगे कि वे उन लोगों के कर्ज़े अपने ज़िम्मे ले लें जो कर्ज़ अद करने में असमर्थ हैं. सीनेटर ओबामा ने सीनेटर मैक्केन की कर नीति की आलोचना करते हुए कहा कि उससे कंपनियों के अमीर अधिकारियों को ही फ़ायदा होगा जबकि सीनेटर मैक्केन ने पलटवार करते हुए कहा कि सीनेटर ओबाम असल में ऐसे व्यक्ति हैं जो कर बढ़ाना चाहेंगे. इराक़, ओसामा, रूस पर बहस राष्ट्रपति पद के दोनों उम्मीदवारों के बीच ये दूसरी बहस अमरीकी प्रांत टेनेसी के नैश्विल में हुई है. पहली बहस मिसिसिपी विश्वविद्यालय में हुई थी जिसमें ज़्यादा चर्चा विदेश नीति पर हुई थी और उम्मीदवारों ने पाकिस्तान के भीतर अमरीकी कार्रवाई पर भी खुलकर विचार रखे थे. जहाँ ओबामा ने मैक्केन को युद्ध की मानसिकता से ग्रस्त दिखाने की कोशिश की, वहीं मैक्केन की कोशिश थी वे बताएँ कि ओबामा का विदेश नीति के बारे अनुभव इतना कम है कि ये ख़तरनाक हो सकता है. डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार ओबामा ने दोहराया कि 'इराक़ पर अमरीकी हमला एक ग़लती थी.' उनका कहना था कि उससे ओसामा बिन लादेन का मुकाबला करने से ध्यान दूर हुआ. उधर रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार मैक्केन ने कहा कि 'अमरीका दुनिया में अच्छाई के लिए काम करता है और इराक़ पर हमला ज़रूरी था.' रूस पर अपना-अपना रुख़ स्पष्ट करते हुए सीनेटर ओबामा ने कहा कि रूस की बढ़ती ताकत एक ऐसी समस्या है जिसका अगले अमरीकी राष्ट्रपति को सामना करना पड़ेगा. सीनेटर मैक्केन का मानना था कि रूस को ये मानना होगा कि अमरीका उसका सामना दृढ़ता के साथ करेगा. |
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