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मंगलवार, 23 सितंबर, 2008 को 16:30 GMT तक के समाचार
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संयुक्त राष्ट्र में सीरिया और ईरान पर बरसे बुश
यह बुश का संयुक्त राष्ट्र में राष्ट्रपति के रूप में अंतिम भाषण था
संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी राष्ट्रपति के रूप में अपने अंतिम भाषण में जॉर्ज बुश ने कहा है कि सीरिया और ईरान अब भी आतंकवाद को प्रश्रय दे रहे हैं.

उन्होंने कहा कि दोनों देश तेज़ी से अलग-थलग पड़ते जा रहे हैं लेकिन उन्होंने अपने तौर-तरीक़ों में बदलाव नहीं किया है.

बुश ने संयुक्त राष्ट्र से अपील की कि परमाणु कार्यक्रम को देखते हुए ईरान और उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाए जाएँ.

बुश ने कहा कि आतंकवाद संयुक्त राष्ट्र के सामने सबसे बड़ी चुनौती है जिसका हल निकालने की कोशिश उसे करनी चाहिए.

 संयुक्त राष्ट्र के बुनियादी आदर्शों को इतनी बड़ी चुनौती पहले कभी नहीं मिली थी जितनी हिंसक चरमपंथियों की ओर से मिल रही है
जॉर्ज बुश

उन्होंने कहा, "संयुक्त राष्ट्र के बुनियादी आदर्शों को इतनी बड़ी चुनौती पहले कभी नहीं मिली थी जितनी हिंसक चरमपंथियों की ओर से मिल रही है."

अमरीकी राष्ट्रपति ने अपने भाषण में जॉर्जिया पर हमले के लिए रूस की आलोचना की और इसे संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का उल्लंघन बताया.

उन्होंने कहा, "हमें इस मामले में जॉर्जिया की जनता के साथ खड़े होना चाहिए, संयुक्त राष्ट्र का चार्टर बड़े और छोटे देशों को एक समान अधिकार देता है, रूस ने इसका उल्लंघन किया है."

वित्तीय संकट

अपने इस भाषण में उन्होंने वित्तीय संकट की भी चर्चा और कहा कि वे इससे निबटने के लिए ठोस क़दम उठा रहे हैं.

जानकारों का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक अधिवेशन में इस बार वित्तीय संकट का ही मुद्दा छाया रहने वाला है.

बुश से पहले संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने भी वित्तीय संकट पर चिंता प्रकट की और कहा कि इससे निर्धनता से लड़ने के लक्ष्यों पर बुरा असर पड़ेगा.

अफ्रीकी देशों में इस बात को लेकर बेचैनी है कि वित्तीय संकट के कारण उन्हें मिलने वाली आर्थिक सहायता में कटौती हो सकती है.

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