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शनिवार, 27 सितंबर, 2008 को 09:20 GMT तक के समाचार
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ओबामा-मैक्केन विदेश नीति पर भिड़े
मैक्केन और ओबामा
बहस में पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान पर विस्तार से चर्चा हुई
अमरीका में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीनेटर जॉन मैक्केन और सीनेटर बराक ओबामा की टेलीविज़न पर सीधे प्रसारित पहली चुनावी बहस में पाकिस्तान के भीतर हमले पर खुल कर चर्चा हुई है.

क़रीब पौने दो घंटे तक चली बहस के दौरान सबसे ज़्यादा चर्चा विदेश नीति पर हुई.

डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार ओबामा ने कहा कि यदि पाकिस्तान सरकार अपने यहाँ अल-क़ायदा की शरणस्थलियों को ख़त्म नहीं कर पाई, तो राष्ट्रपति के रूप में वे पाकिस्तानी सीमा के भीतर कार्रवाई करने से नहीं हिचकेंगे.

रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार मैक्केन ने ये तो नहीं कहा कि राष्ट्रपति के रूप में वे पाकिस्तानी सीमा के भीतर कार्रवाई करने का आदेश नहीं देंगे, लेकिन उन्होंने ये ज़रूर कहा कि वे खुलेआम पाकिस्तान के भीतर कार्रवाई करने की बात नहीं करना चाहेंगे.

ओबामा ने जहाँ आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में सहयोग के नाम पर पाकिस्तान को दी गई लगभग 10 अरब डॉलर की सहायता का अमरीका को कोई फ़ायदा नहीं होने की बात की, वहीं मैक्केन ने कहा कि पाकिस्तान को अलग-थलग करना ख़तरनाक होगा.

दोनों ही उम्मीदवारों ने अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सैनिकों की उपस्थिति बढ़ाने की बात की.

वित्तीय संकट

बहस की शुरुआत देश में वित्तीय संकट की स्थिति पर चर्चा से हुई. ओबामा ने वित्तीय संकट के लिए राष्ट्रपति बुश की आर्थिक नीतियों को दोष दिया है. जबकि मैक्केन ने कहा कि वे वित्तीय संकट के बारे में अधिकारियों को बहुत पहले से आगाह कर रहे थे.

इराक़ मामले पर दोनों उम्मीदवारों के मतभेद उभर कर सामने आए. मैक्केन ने जहाँ इराक़ में सैनिकों की संख्या बढ़ाने या सर्ज की नीति को अपने समर्थन को सही बताया. वहीं ओबामा ने कहा कि वे शुरू से ही इराक़ युद्ध के ख़िलाफ़ थे, क्योंकि इससे अल-क़ायदा के ख़िलाफ़ लड़ाई से ध्यान बँटने की आशंका थी, जो कि अंतत: सच निकली.

ईरान का मामला

ईरान मामले पर भी दोनों उम्मीदवारों के बीच मतभेद उभर कर सामने आए. ओबामा ने कहा कि वे ईरानी नेताओं के साथ बिना शर्त बातचीत करने को तैयार होंगे, क्योंकि वर्षों से अलग-थलग रखे जाने के बाद भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोका नहीं जा सका है. वहीं मैक्केन ने जो़र देकर कहा कि ईरान जैसे देश के साथ बिना शर्त बात करने की बात सोची भी नहीं जा सकती.

दोनों उम्मीदवारों ने रूस और 11 सितंबर के हमले से जुड़े मुद्दों पर भी अपने-अपने विचार सामने रखे.

मिसिसिपी विश्वविद्यालय में हुई बहस को लेकर पिछले दो-तीन दिनों के दौरान अनिश्चितता की स्थिति बन गई थी. क्योंकि मैक्केन ने कहा था कि देश के सामने मौजूद वित्तीय संकट के समाधान की कोशिश करना उन्हें बहस या चुनाव प्रचार से ज़्यादा ज़रूरी लगता है.

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