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रूस जॉर्जिया से सेना हटाने को राज़ी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने जॉर्जिया से सैनिकों की वापसी की घोषणा की है लेकिन इसके लिए उन्होंने एक शर्त रखी है कि उन क्षेत्रों में यूरोपीय संघ के कम से कम 200 पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएँ. फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी के साथ मॉस्को में बातचीत के बाद उन्होंने ये घोषणा की. मेदवेदेव ने कहा है कि सैनिकों की वापसी के साथ-साथ जॉर्जिया के दक्षिणी इलाक़े में यूरोपीय संघ अपने कम से कम दो सौ पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करे. वैसे इस बातचीत से कुछ ख़ास हासिल होने की उम्मीद नहीं की गई थी मगर चार घंटे बाद जब दोनों नेता बैठक से बाहर निकले तो पता चला कि दोनों की बातचीत में अहम प्रगति हुई है. फ़्रांसीसी राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी ने घोषणा की कि काले सागर की ओर जॉर्जिया के पॉटी तट पर ठिकाने संभाले रूसी सैनिक एक हफ़्ते के भीतर वहाँ से हट जाएँगे. सार्कोज़ी ने कहा, "राष्ट्रपति मेदवेदेव के साथ हमारी जो सहमति हुई है वो स्पष्ट तौर पर दिखाती है कि अधिकतम एक सप्ताह में पोटी और सिनाकी तट से रूसी चौकियाँ हटा ली जाएँगी. मैं इस समय सीमा के लिए रूसी पक्ष का धन्यवाद देना चाहूँगा. साथ ही एक महीने में रूसी सेना जॉर्जिया की ज़मीन से पूरी तरह हट जाएगी." इस मौक़े पर रूसी राष्ट्रपति मेदवेदेव ने कहा कि रूस जॉर्जिया के साथ संघर्ष विराम की योजना का पूरी तरह पालन कर रहा है, मगर जॉर्जिया की ओर से ऐसा नहीं हो रहा. उन्होंने कहा, "मेरे विचार से रूस अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रहा है मगर जॉर्जियाई पक्ष के बारे में ये बात नहीं कही जा सकती. वो तो अपनी सैनिक क्षमता मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है और उसमें अमरीका जैसे सहयोगी उसकी मदद कर रहे हैं. " इधर यूरोपीय संघ का कहना है कि इसके बदले जॉर्जियाई सरकार की ओर से उन्हें ये गारंटी मिली है कि वो पास के ही अलगाववादी इलाक़े अबख़ाज़िया पर सैनिक कार्रवाई करके नियंत्रण करने की कोशिश नहीं करेंगे. मेदवेदेव का कहना था बाक़ी जॉर्जिया में मौजूद रूसी सैनिक अक्तूबर के दूसरे हफ़्ते तक वहाँ से वापस आ जाएँगे बशर्ते कि यूरोपीय संघ अबख़ाज़िया और दक्षिण ओसेतिया के इर्द-गिर्द अपने दो सौ पर्यवेक्षक तैनात करे. | इससे जुड़ी ख़बरें रूस ने विद्रोही प्रांतों को मान्यता दी26 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना अबख़ाज़िया-ओसेतिया के समर्थन में संसद25 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना रूस पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप23 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना रूस ने हथियारों की होड़ की चेतावनी दी21 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना रूस ने संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव ठुकराया20 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना नैटो की चेतावनी पर रूस की नाराज़गी19 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना रूस ने हस्ताक्षर किए पर तनाव बरकरार17 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना 'दुनिया को रूसी कार्रवाई स्वीकार्य नहीं'16 अगस्त, 2008 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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