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गद्दाफ़ी ने येरूशलम मुद्दे पर ओबामा को घेरा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लीबिया के नेता कर्नल मुअम्मार गद्दाफ़ी ने अमरीकी राष्ट्रपति पद के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बराक ओबामा की इस बयान के लिए कड़ी आलोचना की है कि येरूशलम को इसराइल की अविभाजित राजधानी ही रहना चाहिए. कर्नल मुअम्मार गद्दाफ़ी ने गुरूवार को कहा कि बराक ओबामा को या तो मध्य पूर्व संघर्ष के बारे में कुछ जानकारी नहीं है या फिर उन्होंने अपने चुनाव प्रचार को हवा देने के लिए इस बारे में झूठ बोला है. बराक ओबामा ने पिछले सप्ताह अमरीका में इसराइल समर्थक समूह में कहा था कि येरूशलम ही इसराइल की अविभाजित राजधानी रहनी चाहिए. उस समय ओबामा का चुनाव प्रचार ज़ोर-शोर से चल रहा था. बराक ओबामा को "अपना कीनियाई भाई" पुकारते हुए मुअम्मार गद्दाफ़ी ने कहा कि हो सकता है कि बराक ओबामा अपने अफ्रीकी मूल का होने की वजह से हीन भावना से ग्रसित हों. कर्नल मुअम्मार गद्दाफ़ी ने कहा कि नस्ल के मुद्दे की वजह से बराका ओबामा का बर्ताव "गोरे लोगों से भी ज़्यादा गोरा" हो गया है जबकि बराक ओबामा को अफ्रीकी और अरब लोगों की एकजुटता के लिए काम करना चाहिए. गद्दाफ़ी ने कहा, "हमें डर है कि बराक ओबामा को शायद यह लगता है कि वह काले समुदाय से वास्ता रखते हैं इसलिए उनके अंदर हीन भावना भरी हुई है और इसकी वजह से वह गोरे लोगों से भी ज़्यादा ख़राब बर्ताव करेंगे. अगर ऐसा होता है तो वो बहुत दुखद होगा." "हमारा बराक ओबामा से कहना है कि वह काले समुदाय का सदस्य होने पर गर्व करें और महसूस करें कि पूरा अफ्रीका उनके साथ है." कितना येरूशलम किसका? कर्नल मुअम्मार गद्दाफ़ी ने त्रिपोली में व्हीलस वायु सेना अड्डे को अमरीका के ख़ाली करने की 38वीं वर्षगाँठ मनाए जाने के अवसर पर ये बातें कही हैं. कर्नल गद्दाफ़ी जब 1969 में एक रक्तहीन विद्रोह के ज़रिए सत्ता में आए थे तो उसके कुछ ही समय बाद अमरीका ने वो हवाई सेना ठिकाने को छोड़ दिया था.
इसराइल दावा करता है कि येरूशलम उसकी "शाश्वत और अविभाजित" राजधानी है जबकि फ़लस्तीनी लोग चाहते हैं कि येरूशलम का पूर्वी हिस्सा उन्हें सौंप दिया जाए जिस पर इसराइल ने 1967 के युद्ध में क़ब्ज़ा कर लिया था. फ़लस्तीनी लोग येरूशलम के पूर्वी हिस्से को अपने भावी राष्ट्र की राजधानी बनाना चाहते हैं. ध्यान रहे कि इसराइल की मौजूदा राजधानी तेलअवीव है. त्रिपोली में मौजूद बीबीसी संवाददाता राना जव्वाद का कहना है कि लीबिया के बारे में अतीत में रहीं अमरीकी नीतियों की कर्नल मुअम्मार गद्दाफ़ी ने जमकर आलोचना की लेकिन साथ ही यह भी कहा कि दोनों देशों के मौजूदा संबंधों में टकराव नहीं है. साज़िश की बातें अमरीका के राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी का बराक ओबामा का अभियान पिछले सप्ताह तब कामयाब रहा जब एक अन्य प्रतिद्वंद्वी सीनेटर हिलेरी क्लिंटन अपना चुनाव अभियान ख़त्म कर दिया था. अमरीका में राष्ट्रपति पद के चुनाव नवंबर 2008 में होने वाले हैं. संवाददाताओं का कहना है कि बराक ओबामा ने अमरीका में नस्लवाद के इतिहास से दूर रहने की कोशिश की है और उन्हें काले और गोरे दोनों ही समुदायों में ज़ोरदार समर्थन मिला है. मुअम्मार गद्दाफ़ी ने यह भी कहा है कि हो सकता है कि बराक ओबामा ने इसराइली ख़ुफ़िया एजेंटों के हाथों हत्या के डर से येरूशलम के बारे में यह बयान दिया हो. गद्दाफ़ी ने कहा,"बराक ओबामा को शायद यह डर रहा हो कि कहीं उनका भी वही हाल ना हो जो पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ़ कैनेडी का हुआ था जब कैनेडी ने इसराइल के परमाणु कार्यक्रम की तह में झाँकने का वादा किया था." 1963 में कैनेडी की हत्या के बारे में अनेक बातें प्रचलित हैं लेकिन अमरीकी अधिकारियों का औपचारिक बयान ये है कि कैनेडी की हत्या सिर्फ़ एक बंदूकधारी ली हार्वी ओसवाल्ड ने की थी. | इससे जुड़ी ख़बरें एक भारत कीनिया में भी...09 जून, 2008 | पहला पन्ना अमरीका में आर्थिक मंदी एक बड़ा मुद्दा09 जून, 2008 | पहला पन्ना ओबामा ने 'दिलेर' हिलेरी की तारीफ़ की08 जून, 2008 | पहला पन्ना हिलेरी ने कहा, ओबामा को जिताएँ07 जून, 2008 | पहला पन्ना हर तरह से ऐतिहासिक दिन था वह05 जून, 2008 | पहला पन्ना इसराइल की सुरक्षा अनिवार्य हैःओबामा 04 जून, 2008 | पहला पन्ना इतिहास रचते बराक ओबामा 04 जून, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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