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केवल एक-चौथाई पीड़ितों को राहत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि बर्मा में तूफ़ान पीड़ितों को राहत पहुँचाने के लिए समय निकलता जा रहा है और अभी तक केवल एक चौथाई लोगों तक ही मदद पहुँच पाई है. पिछले सप्ताह आए तूफ़ान में प्रभावित हुए लोगों को राहत पहुँचाने के लिए बर्मा की सैन्य सरकार जिस गति से काम कर रही है, उसपर भी चिंता व्यक्त की गई है. उधर आपदा के बाद की तमाम प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद बर्मा की सैन्य सरकार ने शनिवार को नए संविधान के लिए देश में जनमत संग्रह का काम पूरा कर लिया है. इस दौरान विश्व खाद्य कार्यक्रम के तीन बड़े हवाईजहाज़ भी राहत सामग्री लेकर बर्मा पहुँच गए हैं. बर्मा पहले ही यह कह चुका है कि उसे विदेशी राहतकर्मियों की कोई ज़रूरत नहीं है. बर्मा में पिछले सप्ताह शनिवार को आए भीषण तूफ़ान में 23 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी. हालांकि अमरीका का अनुमान है कि जिस पैमाने पर तबाही हुई है, उसके मुताबिक क़रीब एक लाख लोग इस तूफ़ान में मारे गए हैं. हज़ारों लोग बेघर हो गए थे और हज़ारों लापता. इस बड़ी आपदा को देखते हुए दुनिया के कई देशों की ओर से मदद और राहत के प्रस्ताव बर्मा को भेजे गए पर बर्मा ने स्पष्ट कर दिया कि उसे केवल राहत चाहिए, राहतकर्मी नहीं. जनमत संग्रह इसी दौरान शनिवार को बर्मा में नए संविधान के लिए जनमत संग्रह भी संपन्न हो गया है. हालांकि संयुक्त राष्ट्र ने तूफ़ान से हुई तबाही के मद्देनज़र इसे स्थगित करने की अपील की थी.
कुछ विपक्षी नेताओं ने जनमत संग्रह की आलोचना की थी और कहा था कि ये बर्मा में सैन्य शासन बनाए रखने की एक कोशिश है. कई लोगों ने बताया कि मतदान केंद्रों में सैनिक मौजूद थे और उन्हें मजबूरी में 'हाँ 'पर वोट डालना पड़ा. जनमत संग्रह बर्मा के उस दो-तिहाई हिस्से में हुआ जो तूफ़ान नर्गिस से प्रभावित नहीं है. तूफ़ान नर्गिस से बुरी तरह प्रभावित रंगून और कुछ अन्य इलाक़ों में मतदान दो हफ़्ते के लिए टाल दिया गया है. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि बर्मा में राहत सामग्री लेकर दल पहुंच गया है लेकिन सैन्य शासन ने विदेशी राहतकर्मियों को बर्मा में काम करने की अनुमति नहीं दी है. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने चेतावनी दी थी कि अगर बर्मा ने विदेशी सहायताकर्मियों को राहत और बचाव के लिए जाने नहीं दिया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र ने बर्मा के लिए 20 करोड़ डॉलर की सहायता अपील जारी की है. | इससे जुड़ी ख़बरें बर्मा को संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी09 मई, 2008 | पहला पन्ना 'बर्मा ने संयुक्त राष्ट्र राहत सामग्री ज़ब्त की'09 मई, 2008 | पहला पन्ना बर्मा के रवैये से संयुक्त राष्ट्र निराश08 मई, 2008 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र सहायता बर्मा पहुँची08 मई, 2008 | पहला पन्ना 'तूफ़ान में एक लाख से ज़्यादा मारे गए'07 मई, 2008 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र को राहत पहुँचाने की अनुमति07 मई, 2008 | पहला पन्ना बर्मा की सहायता पर हो रही है राजनीति07 मई, 2008 | भारत और पड़ोस बर्मा में मृतक 22 हज़ार, हज़ारों लापता06 मई, 2008 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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